स्वतंत्रता दिवस के लिए दिल्ली पहुँच चुका है ये खूंखार आतंकी, खुफिया एजेंसियों ने किया अलर्ट

नई दिल्ली। एक तरफ देश में जगह-जगह स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों जोरों पर हैं, वहीं सुरक्षा एजेंसियां चिंतित हैं। उनकी चिंता की वजह है खुफिया एजेंसियों द्वारा जारी किया गया अलर्ट। खुफिया एजेंसियों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान दिल्ली में फिदायीन हमले की पुख्ता सूचना दी है। इसके बाद से देश भर में सुरक्षा एजेंसियों और सभी खुफिया एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है।

स्वतंत्रता दिवस की 72वीं वर्षगांठ से ठीक पहले खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है कि जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी मोहम्मद इब्राहिम उर्फ इस्माइल दिल्ली में है और वह फिदायीन हमले की साजिश रच रहा है। इब्राहिम, जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर के भाई मुफ्ती अब्दुल रउफ असगर का पुराना बॉर्डी गार्ड है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार इब्राहिम मई के प्रथम सप्ताह में जम्मू-कश्मीर के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था। इसके बाद उसने अपना ठिकाना बदलकर दिल्ली में बना लिया। वह दिल्ली में रहकर यहां मौजूद जैश के आतंकियों से समन्वय कर दहशत फैलाने की बड़ी साजिश रच रहा है।

जैश का एक और मुख्य आतंकी मोहम्मद उमर भी हाल में ही जम्मू-कश्मीर से भारत में दाखिल हुआ है। अब उमर और इब्राहिम मिलकर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली में फिदायीन हमला करने की तैयारियों में जुटे हुए हैं। दोनों जम्मू-कश्मीर में मौजूद कई आतंकियों को दिल्ली रवाना होने का आदेश भी दे चुके हैं। खुफिया एजेंसियों ने ये भी बताया है कि मौलाना मसूद अजहर का भाई मुफ्ती अब्दुल रउफ असगर जैश में दूसरा स्थान रखता है। वह भारत विरोधी गतिविधियों का मुख्य कमांडर भी है। असगर, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के सहयोग से भारत में चल रही फिदायीन हमले की तैयारियों पर सीधे नजर रखे हुए है।

खुफिया एजेंसियों के इस अलर्ट ने सुरक्षा एजेंसियां की नींद उड़ा दी है। दरअसल असगर पिछले तीन-चार साल में भारत के अंदर सुरक्षा बलों पर कई फिदायीन हमले करा चुका है। इसमें वर्ष 2016 में पठानकोट स्थित वायु सेना के बेस कैंप पर हुआ हमला और नगरोटा में थल सेना के कैंप पर हुआ आतंकी हमला भी शामिल है। असगर ने ही अपने खास आतंकियों के जरिए वर्ष 1999 में अपने भाई मसूद अजहर को भारत से छुड़ाने के लिए विमान हाईजेक (कंधार विमान अपहरण कांड) करवाया था। संसद भवन पर हुए हमले की साजिश भी मुफ्ती अब्दुल रउफ असगर ने ही तैयार की थी।

जैश ने भारत के अंदर कई जगहों पर आतंकी हमले करने के लिए हाल में ही मानशेरा, खैबर पख्तूनवां और पाकिस्तान के अन्य प्रांतों में सक्रिय आतंकी संगठनों से भी गठजोड़ किया है। दरअसल जैश नवंबर 2017 में पुलवामा में सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए मसूद अजहर के भतीजे ताल्हा रशीद की मौत का बदला लेना चाहता है। श्रीनगर में सक्रिय जैश आतंकी आशिक बाबा ने भी पकड़े जाने के बाद एनआइए की पूछताछ में खुलासा किया था कि जैश-ए-मोहम्मद, मानशेरा में लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के साथ मिलकर आतंकवादियों के लिए ट्रेनिंग कैंप चला रहा है।

भारत में आतंकी साजिशों को अंजाम देने के लिए तीनों संगठन आपसी तालमेल के साथ खुद को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पकड़े जाने से पहले आशिक बाबा कई बार जैश चीफ मौलाना मसूद अजहर और उसके भाई मुफ्ती अब्दुल रउफ असगर से मिल चुका था। आशिक बाबा वर्ष 2016 में नगरोटा में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले का मुख्य आरोपी भी है।

You May Also Like

English News