युवाओं में आज कल टैटू बनवाने का क्रेज साफ़ देखने को मिलता है. आज के समय में हर दूसरा इंसान आपको टैटू बनवाते नजर आएगा. कोई अपने हाथों में टैटू बनवाता है तो कोई पैरों में. और कुछ लोगों में तो टैटू बनवाने का इतना जूनून होता है कि अपने पूरे शरीर पर टैटू गुदवा लेते हैं.यह भी पढ़े: जानिए कैसे खरबूजे के इस्तेमाल से लाये अपनी स्किन में निखार
पहले के ज़माने में टैटू बनवाना एक परम्परा हुआ करती थी. जिसमें पत्नियां अपने पति का नाम गुदवाती थी. ऐसा माना जाता था कि पति के नाम का टैटू बनवाने से उनकी पत्नी की पहचान होती थी. लेकिन आज के समय में टैटू बनवाना सिर्फ स्टाइल सिंबल बन गया है. लोग फैशन और ट्रेंड के चलते इसे बनवाते हैं. लेकिन इसे बनवाते समय हम बहुत सी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं. जिसे नजरअंदाज करने से हम बहुत सी संक्रामक बीमारियों को दावत दे देते हैं.
अगर आप भी टैटू बनवाने की सोच रहें हैं तो इन चीजों को बिल्कुल भी इग्नोर न करें.
टैटू बनवाने से संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है. टैटू बनवाने से हेपेटाइटिस, एचआईवी, ग्रैनूलोमस और केल्यॉड जैसी बीमारियां हो सकती हैं.
टैटू बनाने वाले अक्सर एक ही सुई का इस्तेमाल कई लोगों पर करते हैं. जिससे संक्रमण हो सकता है. टैटू से त्वचा पर केल्यॉड होने का भी खतरा होता है.केल्यॉड एक तरह का घाव है जहां त्वचा लाल हो जाती है और उसमें एलर्जी हो जाती है.
आप अगर टैटू बनवाने की सोच रहें हैं तो ध्यान रखें टैटू बनवाने से पहले लोगों को हेपेटाइटिस बी का टीका लगवा लेना चाहिए.
आपको अगर किसी भी प्रकार की बिमारी हैं जैसे हृदय रोग, एलर्जी, डायबीटीज़. तो आप टैटू बनवाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह मश्विरा कर ले. अगर आपकी त्वचा में कल्यॉड जैसी एलर्जी होने की संभावना है तो आप परमानेंट टैटू नहीं बनवाएं.