कैशलेस अर्थव्यवस्था में साइबर सिक्योरिटी बेहद संवेदनशील व गंभीर मसला है। इसमें तमाम तकनीकी जटिलताएं हैं जिस कारण बेहद शिक्षित लोग भी इसका उपयोग करने में घबरातें व हिचकते हैं।पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य अग्रणी जिला प्रबंधक का कहना है कि तकनॉलजी का शिक्षण एक बड़ा काम है। अलग अलग फारमेट में अलग अलग तकनीक हैं।
कम पढ़े लिखे लोगों को कैशलेस अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाने को प्राथमिकता दी जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं। इस काम में अवरोध व चुनौतियां बहुत हैं।पंजाब नेशनल बैंक की आईटी अधिकारी सौम्या बताती हैं कि नेट बैंकिंग करना बहुत फायदेमंद है लेकिन इसमें बेहद सावधानी बरतना जरूरी है। जरा सी लापरवाही भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है।
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इसलिए जो आईटी व वित्तीय आयाम को गहराई से समझ लें। इसमें जरा सी भी लापरवाही और चूक भारी वित्तीय नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए बैंकरों, तकनीकी विशेषज्ञों और ग्राहकों तीनों को सावधानी बरतनी होगी।इसी तरह भारतीय स्टेट बैंक के उप प्रबंधक अमनदीप सिंह का कहना है कि लोगों को शिक्षित व जागरुक करना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है। सरकारी बैंकों के ई वालेट अधिक सुरक्षित हैं। इसमें सबसे बड़ी बात डाटा सुरक्षा की है। ग्राहक व व्यापारी के बीच वित्तीय लेन देन में चूक हो जाती है। इस गैप का पता लगा पाना आसान काम नहीं है। डाटा को चुराने के खतरे को कमकर नहीं आंका जा सकता है।
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ध्यान रखने योग्य बातें: मोबाइल फोन की सुरक्षा करना बेहद जरूरी है, पासवर्ड को पूरी तरह से गुप्त रखें, रोजाना अपने खाते को जांचते रहे, ई वालेट को डेबिट कार्ड-क्रेडिट कार्ड व बैंक खाते से लिंक न करें, फोन को हमेशा लॉक रखें अन्यथा खतरनाक परिणाम सामने आ सकते हैं।