- पुलिस व सर्विलांस सेल ने 5 बदमाशों को पकड़ा
- वारदात में शामिल 7 बदमाश अभी हैं फरार
- काकोरी में भी डाली थी इसी गैंग ने डकैती
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एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि पारा पुलिस व सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने मुखबिर व सर्विलांस की मदद से मंगलवार को मोहान रोड के पास से पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से 12 मोबाइल फोन, एक तमंचा, 22 किलो का पीतल का बर्तन, पायजेब, बिछिया व पायल बरामद की। पूछताछ की गयी तो आरोपियों ने 26 सितम्बर की रात पारा के सेलमपुर पतौरा गांव में एक बढ़ई के घर डकैती व उसकी बेटी के साथ गैंगरेप करने की बात कबूली। आरोपियों ने 27 सितम्बर की रात काकोरी के बाजनगर इलाके में भी डकैती डालने की बात बतायी। पूछताछ के दौरान पकड़े गये बदमाशों ने अपना नाम सीतापुर निवासी शम्भू रावत, गुड्डू रावत, इंदल, चेतराम और सरोज बताया। पकड़ा गया बदमाश सरोज गैंग लीडर शम्भू का बेटा है। बदमाशों ने दोनों वारदात में शामिल अपने सात अन्य साथियों सीतापुर निवासी दिनेश, उदयराज, धनेश, ओंकार, श्रीकिशन, पूरन और राजेश का नाम भी बताया। एसएसपी का कहना है कि बढ़ई कि बेटी के साथ इंदल, चेतराम, उदयराज, दिनेश व धनेश ने गैंगरेप किया था। पारा डकैती व गैंगरेप की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को आईजी जोन ए.सतीश गणेश ने 15 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
बाराबंकी में डाली थी ढाई करोड़ की डकैती
पुलिस के हत्थे चढ़े बदमाशों के इस गैंग ने वर्ष 2016 को बाराबंकी फेतहपुर जनपद में ढाई करोड़ रुपये की डकैती डाली थी। इस वारदात में गैंग लीडर शम्भू का भाई बिरजू, बेटा नरेश, भांजा पिंटू सहित 17 लोग शामिल थे। बाराबंकी पुलिस ने सभी को गिरफ्तार किया था।
शम्भू के भाई दिनेश का है काकोरी में अपना मकान
बदमाशों के इस गैंग में शामिल शम्भू के भाई दिनेश में काकोरी के शाहपुर बमरौली गांव में अपना मकान बनवा रखा है। गैंग के सभी लोग दिनेश के ही मकान में जमा होते थे और फिर वहीं से वारदात को अंजाम देने के लिए निकले थे। गैंग लीडर शम्भू का भी काकोरी इलाके में अपना मकान था, पर उसने उसको बेच दिया था और इन्दिरानगर के जरहरा गांव में परिवार के साथ रहने लगा था।
हाफ पैंट व बनियान पहनकर वारदात को देते थे अंजाम
शम्भू गैंग के बदमाश कच्छा बनियान गिरोह के सदस्य तो नहीं है पर वह लोग वारदात को अंजाम देने से पहले कच्छा बनियान पहनकर वारदात को अंजाम देते थे। एसएसपी ने बताया कि दिन में गैंग घर को चिन्हित कर लेता था। इसके बाद सभी लोग रात को घर से कुछ दूरी पर जमा होकर अपने कपड़े उतार देते थे। वह लोग सिर्फ कच्छा व बनियान पहन कर वारदात को अंजाम देते थे। गैंग का एक बदमाश कपड़ों की रखवाली करता था।
सभी का डीएनए टेस्ट कराया जायेगा
सेलमपुर पतौरा गांव में डकैती के साथ किशोरी से गैंगरेप के मामले मेें एसएसपी का कहना है कि बदमाशों ने सिर्फ अपने पांच साथियों इंदल, चेतराम, उदयराज, दिनेश व धनेश पर गैंगरेप करन की बात बतायी है, पर पुलिस अपनी तरफ से पकड़े गये सभी बदमाशों का डीएनए टेस्ट करायेगी, ताकि आरोपियों के खिलाफ पुख्त सबूत मिल सकें और उनको अधिक से अधिक सजा दिलायी जा सके।
सीसीटीवी फुटेज में दिखे थे बदमाश
सेलमपुर पतौरा गांव में डकैती व गैंगरेप की वारदात को अंजाम देने से पहले इस गैंग ने पारा इलाके में एक दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस को उस वक्त एक सीसीटीवी फुटेज मिला था। फुटेज में सभी चोर दिख रहे थे और वह सभी हाफ पैंट व टीशर्ट पहने हुए थे।
शम्भू से काकोरी पुलिस कर चुकी थी पहले पूछताछ
गैंग लीडर शम्भू शातिर बदमाश है और उसके खिलाफ 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पारा में डकैती व गैंगरेप से कुछ माह पहले काकोरी पुलिस ने शम्भू को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। आरोप है कि उस वक्त काकोरी पुलिस ने डीलिंग कर शम्भू को छोड़ दिया था।
गैंग लीडर ने गैंगरेप के लिए रोका था
बदमाशों के गैंग लीडर शम्भू का कहना है कि जिस वक्त वह लोग बढ़ई के घर डकैती डाल रहे थे, उस वक्त सबसे पहले दिनेश ने किशोरी को उठाया था। वह लोग जब किशोरी को खेत में लेकर पहुंचे और गैंगरेप करने की बात कही तो आरोपी शम्भू ने उन लोगों को ऐसा करने से मना किया था। शम्भू का कहना है कि बढ़ई के घर से उनके हाथ कुछ खास नहीं लगा था, बस इसी बात की खून्नस में दिनेश व अन्य लोगों ने किशोरी को अपनी हवस का शिकार बनाया।