स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों को पहले से हार्ट की समस्या रही है उन्हें सर्दी के मौसम में सावधान रहना चाहिए। ठंड बढ़ने के साथ शरीर की रक्त नलियां सिकुड़ने लगती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। अध्ययनों से पता चलता है कि ठंड के दिनों में हार्ट अटैक के मामलों में 30% तक बढ़ोतरी देखी जाती है। आइए जानते हैं कि इन दिनों में आप सेहत का कैसे ख्याल रख सकते हैं?
ठंड के मौसम में हार्ट अटैक का खतर
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ मनीष निरूपम कहते हैं,सर्दियों में हार्ट अटैक के केस ज्यादा आते हैं, इसकी मुख्य वजह गिरता तापमान और लाइफस्टाइल में बदलाव को माना जाता है।
तापमान कम होने के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर और दिल पर दबाव बढ़ता है। इसके अलावा सर्दियों में लोगों की शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है, भारी खाना और तली भुनी चीजें अधिक खाने के कारण कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर दोनों असंतुलित हो सकता है। ये सभी स्थितियां हार्ट की समस्याओं को बढ़ा देती हैं।
हृदय स्वास्थ्य के जोखिम
इसके अलावा कम तापमान के कारण रक्त का गाढ़ापन भी बढ़ जाता है, जिससे ब्लड क्लॉट बनने का खतरा भी रहता है। यह क्लॉट दिल की धमनियों को ब्लॉक कर सकते हैं। पहले से बढ़े ब्लड प्रेशर और फिर क्लॉट की स्थिति हार्ट अटैक का कारण बन सकती है। हार्ट के मरीजों में पहले से मौजूद समस्याएं जैसे एंजाइना, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज भी इस मौसम में बढ़ जाती है। ये सभी स्थितियां हार्ट अटैक का कारण बन सकती हैं।
हार्ट के मरीज कैसे करें बचाव?
डॉक्टर कहते हैं, जिन लोगों को पहले से हार्ट की समस्या है उन्हें ठंड के दिनों में खास सावधानी बरतते रहना चाहिए। हार्ट अटैक के जोखिमों को कम करने के लिए आप पहले से कुछ प्रयास कर सकते हैं।
सुबह-शाम बाहर जाते समय शरीर को गर्म रखें
ठंड के दिनों में भारी व्यायामसे बचें।
रोज हल्की एक्सरसाइज और वॉक करें।
ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच करें और इसे कंट्रोल में रखने के उपाय करें।
स्वस्थ आहार लें जिनमें ओट्स, फल, सब्जियां और कम तेल वाला भोजन शामिल हो।
धूम्रपान और शराब से दूरी रखें।
अगर आपको सांस की समस्या, सीने में दर्द, चक्कर या कमजोरी महसूस हो रही है और सामान्य उपायों से आराम नहीं मिल रहा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और इसका उपचार कराएं।
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