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ये हैं भारत के 5 पवित्र सरोवर, यहां स्नान करेंगे तो मिलेगा मोक्ष

भारत बौद्धों, जैन, सिखों और हिंदुओं द्वारा पवित्र मानी जाने वाली सबसे निर्मल और पवित्र झीलों की भूमि है. भारत में पाँच पवित्र झीलें हैं जिन्हें सामूहिक रूप से पंच सरोवर के रूप में जाना जाता है, जिसका उल्लेख भागवत पुराण में मिलता है. मान्यतायों के अनुसार माने तो इन पवित्र सरोवरों में एक बार डुपकी लगाने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है. जहाँ भारत के साथ-साथ नेपाल, तिब्बत के धार्मिक लोग भी इन सरोवरों में स्नान करने के लिए अपने आप रोक नही पाते हैं और हर श्रद्धालु भारत की पवित्र नदियों में स्नान करने की कामना करते हैं. तो आइये आज हम हमारे इस लेख में भारत के 5 पवित्र सरोवरों के बारे में जानते हैं जो मनुष्य के लिए स्वर्ग के दरवाजे खोलते हैं-

मानसरोवर-
मानसरोवर झील एक बहुत ही खूबसूरत जगह है जो कैलाश पर्वत से 20,015 फीट की ऊंचाई पर 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. बता दें कि यह झील पवित्रता का प्रतीक है जिसके बारे में कहा जाता है कि इस झील में नहाने से इंसान को अपने जीवन में किये गए सभी पापों से मुक्ति मिलती है. मानसरोवर झील के साथ कैलाश पर्वत का अपना एक ऐतिहासिक महत्व है. आपको बता दें कि मानसरोवर दो शब्दों से मिलकर बना है- जिसमें ‘मानस’ का अर्थ मन और ‘सरोवर’ का अर्थ है झील.हिंदू पौराणिक कथाओं की माने तो सबसे पहले मानसरोवर झील को भगवान ब्रह्मा के दिमाग में बनाया गया था, जिसकी वजह से इसका नाम मानसरोवर पड़ा. हिंदू धर्म के अनुसार कैलाश पर्वत वह स्थान था जहां भगवान शिव निवास करते थे और इसलिए इस जगह को स्वर्ग के सामान माना जाता है. झील के बारे में कहा जाता है कि इसका रंग बदलता रहता है. झील का रंग तटों के पास नीला होता है जो केंद्र में हरे रंग में बदल जाता है.

बिन्दु सरोवर-
अहमदाबाद से 130 किलोमीटर की दूरी पर सिद्धपुर में बिन्दु सरोवर, रुद्र महल मंदिर और अरवदेश्वर शिव मंदिर के खंडहर के साथ एक छोटा तालाब है. बिंदु सरोवर सामूहिक रूप से भारत के पंच पवित्र सरोवर का हिस्सा है. इस सरोवर का उल्लेख रामायण और महाभारत में भी मिलता है. पोराणिक कथायों के अनुसार माने भगवान विष्णु के आँसू गिरने से बिन्दु सरोवर उत्त्पति हुई थी. और माना जाता है बिंदु सरोवर वही पवित्र स्थल है जहाँ भगवान परशुराम ने अपनी माता की अस्थियों का विसर्जन किया था. और इसी तथ्य के कारण इसे मातृ मोक्ष स्थल के रूप में जाना जाता है. और यहाँ स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं.

नारायण सरोवर-
नारायण सरोवर गुजरात के सबसे महत्वपूर्ण हिंदू धार्मिक स्थलों में से एक है. यह सरोवर हिंदू धर्म की 5 पवित्र झीलों अर्थात मान सरोवर, पम्पा सरोवर, बिन्दु सरोवर, नारायण सरोवर और पुष्कर सरोवर का संयोजन है. यह झील सूखे की घटना से जुड़ी है इस सूखे को खत्म करने के लिए, भगवान विष्णु झील में नारायण के अवतार में प्रकट हुए. नारायण सरोवर के आसपास के मंदिरों के समूह को नारायण सरोवर मंदिर कहा जाता है.

पम्पा सरोवर-
कर्नाटक में हम्पी के पास पंपा सरोवर, श्रीमद्भागवत पुराण में उल्लिखित भारत की पाँच पवित्र सरोवर झीलों में से एक है. पंपा सरोवर झील कमल के पुष्पों से भरी हुई है. पुराण के अनुसार पम्पा सरोवर वही झील है जहाँ शबरी भगवान राम के आगमन की प्रतीक्षा करती थी. और यह झील एक और पोराणिक घटना का स्थल है जहाँ पार्वती के एक रूप पंपला ने भगवान शिव की तपस्या की थी.

पुष्कर झील-
पुष्कर झील राजस्थान के पुष्कर में अरावली पर्वतमाला के बीच स्थित है और 52 स्नान घाटों और 500 से अधिक मंदिरों से घिरी हुई है. पुष्कर झील झील को हिंदू धर्म के लोगों के लिए पवित्र झील के रूप में माना जाता है, जहां पर भारी संख्या में तीर्थ यात्री स्नान करने के लिए आते हैं. हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार यहाँ पाँच पवित्र झीलें हैं जिन्हें सामूहिक रूप से पंच-सरोवर कहा जाता है, जिनमें मानसरोवर, बिन्दु सरोवर, नारायण सरोवर, पंपा सरोवर और पुष्कर सरोवर के नाम शामिल हैं. पुष्कर झील भारत के एक प्रमुख पर्यटन स्थल है जो भारी संख्या में भारतीयों और विदेशी पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करता है.

By- कविता सक्सेना श्रीवास्तव

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