जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन, बवाल और हंगामा, पुलिस ने भांजी लाठियां

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जनपद में शुक्रवार को दोहरे हत्याकाण्ड के विरोध में जमकर बवाल व उपद्रव हुआ । इस हत्याकाण्ड में मारे गये लोगों के परिवार वालों को मुआवजा व नौकरी की मांग रहे प्रदर्शनकारियों ने जमकर बवाल काटा। जुमे की नमाज के बाद पुलिस पर पथराव व फयरिंग की। दो थाना प्रभारी और एक चौकी प्रभारी गंभीर घायल हुए। बाद में मौके पर पहुंचे भारी पुलिस बल ने बल का प्रयोग करते हु ए उपद्रवियों को खदेड़ लिया।


सात अगस्त को सराय बैरागी रेलवे रोड निवासी दो भाई वसीम व आशू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने छह घंटे बाद आरोपी कचौड़ी विक्रेता सुरेश को गिरफ्तार कर लिया। पीडि़त पक्ष 25-25 लाख रुपये मुआवजा नौकरी और मकान की मांग कर रहा था। बताया जाता है कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद इन मांगों को प्रशासन के सामने रखने का एलान किया गया। दोपहर दो बजे नमाज के बाद नारेबाजी शुरू हो गई।

एसपी सिटी, एडीएम सिटी प्रदर्शनकारियों को समझाने में जुट गए। तभी शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने मस्जिद से लोगों को शांत कर प्रशासन के हवाले से शासन को मांग प्रस्ताव भेजे जाने का आश्वासन दिया। इस पर ज्यादातर लोग चले गए लेकिन 50-60 लोग कोतवाली के सामने जमे रहे। इनमें आपस में मारपीट हुई तो पुलिस ने रोका। इस पर उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव व फायरिंग कर दी। मदारगेट चौकी प्रभारी राजकुमार सिंह सिर में पत्थर लगने से घायल हो गए।

एसओ जवां अमित यादव व एसओ देहलीगेट अनुज कुमार भी चोटिल हो गए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर आंसू गैस छोड़ी और हवाई फायरिंग भी की। इसी दौरान जामा मस्जिद के पास बारहसैनी धर्मशाला मंदिर पर भी पथराव हुआ। उपद्रवियों ने वहां संचालित ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त को भी लूटने की कोशिश की मगर शाखा प्रबंधक ने चैनल गेट बंद करा दिया।

इसके बाद एसएसपी राजेश पांडेय, डीएम ऋ षिकेश भास्कर यशोद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बल का प्रयोग करते हुए उपद्रवियों को खदेड़ लिया। अब पुलिस उपद्रवियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कह रही है।

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