सूबे की राजधानी लखनऊ की लाइफलाइन लखनऊ मेट्रो एक बार फिर पटरी पर आ गई है। विश्व में फैली महामारी कोविड-19 का असर देश के साथ ही प्रदेश व लखनऊ में भी पड़ा। लॉकडाउन के कारण सब बंद थे। इसके बाद धीरे-धीरे सभी चीजें पटरी पर आने के बाद आखिर वह समय आ ही गया जिसका कई महीने से लखनऊ के लोगों को इंतजार था।
लखनऊ मेट्रो का संचालन 7 सितंबर की सुबह 6:00 बजे से शुरू कर दिया गया। आज ट्रांसपोर्ट नगर स्थित डिपो से निकली दो मेट्रो अप व डाउन लाइन से चलाई गई। मेट्रो में सफर करने वालों का सिलसिला सुबह धीमा रहा। नॉर्थ साउथ कॉरिडोर के सभी 21 मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो अफसरों को लगाया गया था यात्रियों को किसी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो साथ ही कोविड-19 का पूरी तरह से पालन हो इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी हर अधिकारी को सौंपी गई थी। लखनऊ मेट्रो ने गो स्मार्ट कार्ड को प्रोत्साहित करने के लिए एक योजना भी शुरू की है, इसके अंतर्गत गो स्मार्ट कार्ड खरीदने वाले को 20 रुपया का एक मास्क मुफ्त दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने बताया, परिवहन संसाधनों में सबसे बेहतर विकल्प लखनऊ मेट्रो है। मेट्रो स्टेशनों को हर चार से पांच घंटे में सैनिटाइज किया जा रहा है। लिफ्ट के साथ स्वचालित सीढ़ी, टिकट काउंटर, ऑटोमेटिक फेयर गेट और टिकट वेंडिंग मशीन को तीन से चार घंटा में सैनिटाइज करने के निर्देश हैं।
हर स्टेशन पर तैनात अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रियों को प्रोत्साहित करें। यहां युवा सीढिय़ों को इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा करें। लिफ्ट दो या तीन से ज्यादा लोग इस्तेमाल ना करें। सभी मेट्रो स्टेशनों पर नैपकिन की भी व्यवस्था की गई है। स्टेशन में प्रवेश करते समय हैंड वॉश के साथ सैनिटाइजर की भी व्यवस्था की गई है। यात्री इसका प्रयोग अवश्य करें। मेट्रो ने गो स्मार्ट कार्ड को प्रोत्साहित करने के लिए एक्टिवेशन चार्ज भी खत्म कर दिया है। अभी तक स्मार्ट कार्ड को एक्टिवेट करने के लिए लखनऊ मेट्रो 50 रुपया लेता था। अब यह काम सात सितंबर से मुफ्त में होगा।
मेट्रो के करीब सवा लाख ऐसे यात्री हैं जो गो स्मार्ट कार्ड धारक है। इनमें 35000 से 40000 ही यात्री नियमित गो स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं । लखनऊ मेट्रो ने 20 मिनट में से 16 मेट्रो का संचालन शुरू कर दिया है यात्रियों को मित्रों का लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े इसलिए हर 5:30 मिनट बाद ट्रेन मिलेगी। हर कोच में यात्रियों को एक सीट छोड़ कर बैठना होगा। मेट्रो अपनी पूरी क्षमता का 40 फीसदी यात्री को लेकर ही चलेगी, जिससे कोविड-19 प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन हो सके।
सेफ और सुरक्षित साधन
- सरोजनी नगर निवासी अदिति सिंह केनरा बैंक में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि मैं पिछले 2 साल से मेट्रो से ही सफर कर रही हूं। लॉकडाउन में मेट्रो के बंद हो जाने से निजी वाहन से बैंक जाती थी। मेट्रो से ज्यादा सुरक्षित कोई अन्य परिवहन संसाधन नहीं है।
- सरोजनी नगर निवासी मेडिकल ऑफिसर पीएचसी डॉक्टर पूनम यादव बताती हैं कि मुंशी पुलिया से अमौसी मेट्रो स्टेशन का सफर में पिछले डेढ़ साल से कर रही हूं। नोएडा में मेट्रो के बंद हो जाने से मुझे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन एक बार फिर मेट्रो शुरू होने से मैंने राहत की सांस ली है। मेट्रो कोविड-19 का पूरी तरह से पालन कर रही है। मुझे लगता है मैं इसमें पूरी तरह से सुरक्षित हूं। .
- छात्रा तेजस्वी कहती हैं कि साफ सफाई के मामले में मेट्रो सबसे अच्छी है। मुझे नहीं लगता उन लोगों को ऑटो टेंपो बस में कोविड-19 को देखते हुए सफर करना चाहिए। एक विद्यार्थी के नाते मैं तो अपील करती हूं कि स्टूडेंट्स को मेट्रो से ही सफर करना चाहिए। .
- निजी कंपनी में अधिकारी मनोज सिंह कहते हैं कि मेट्रो के डीएनए में ही सफाई है। मैं तो आज बाइक से ही जा रहा था लेकिन मेट्रो चलते हुए दिखा दो वापस मुंशीपुलिया गया और अब मेट्रो से यात्रा कर रहा हूं। क्योंकि मेट्रो सेफ होने के साथ-साथ कोविड-19 दृष्टिकोण से सबसे बेहतर परिवहन है।
मेट्रो का यह है दावा
- हर चार से पांच घंटे में मेट्रो स्टेशन का कोना कोना हाेगा सैनिटाइज
- गो स्मार्ट कार्ड से कॉन्टेक्ट लेस ट्रैवल होगा
- टिकट वेडिंग मशीन द्वारा सैनिटाइज टोकन
- हर यात्रा के बाद टोकन सैनिटाइज
- दिन में दो बार ट्रेन सैनिटाइज
- मेट्रो स्टेशन में शरीरिक दूरी के लिए मार्किंग
- लिफ्ट, लिफ्ट बटन, काउंटर, स्वचालित सीढ़ियां, टिकट वेडिंग मशीन, प्लेटफार्म सैनिटाइज पांच घंटे में होंगे सैनिटाइज
- यात्री का तापमान मानक से अधिक होने पर स्टेशन पर प्रवेश नहीं मिलेगा
- रात में एसी के फिल्टर को किया जाता है सैनिटाइज
मेट्रो परिसर एवं ट्रेन में इन दिशा निर्देशों का करना होगा पालन
- फेस्क मास्क का प्रयोग करे।
- थर्मल स्कैनिंग के दौरान करना होगा सहयोग ।
- स्टेशन पर मौजूद सैनिटाइजर व वॉशरूम में हैंडवॉश का प्रयोग करे।
- शारीरिक दूरी का पूरी तरह से करे पालन।
- ट्रेन में एक सीट छोड़कर बैठे, स्टीकर जहां लगे हैं, वहां न बैठे।
- एक बार में लिफ्ट का प्रयोग दो ही यात्री करे।
नियमित सफर करने क लिए गो स्मार्ट सुरक्षित ज्यादा
लखनऊ मेट्रो में सफर करने के लिए मेट्रो ने दो सुविधा दे रखी है। पहली टोकन। टोकन काउंटर से खरीदकर यात्री ऑटोमेटिक फेयर गेट पर उसे टच कराकर आगे निकलता है और स्टेशन से निकलते समय उसे फिर से यही प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। इस दौरान उसके हाथ फेयर गेट पर और काउंटर पर टच होते हैं। इसके बाद हाथों को सैनिटाइज जरूर करे, जब तक कोरोना कॉल चल रहा है। वहीं गो स्मार्ट कार्ड धारक को अपने कार्ड निकालने की जरूरत नहीं। पूरी यात्रा में कोई चीज नहीं होगी छूनी। प्रवेश करते ही कार्ड को यात्री अपनी तलाशी कराए और फिर फेयर गेट पर अपने कार्ड को दूर से इंट्री प्वाइंट पर दिखाए, कार्ड रीड होते ही गेट खुल जाएगा। फिर यात्री, यात्रा करके जैसे ही स्टेशन से निकले तो वह ऑटोमेटिक फेयर गेट पर कार्ड को फिर रीड कराए और गेट खुलते ही बाहर। यात्री के मोबाइल पर ट्रांजेक्शन की डिटेल आ जाएगी यानी पैसा यात्रा का कट जाएगा। विशेष बात पूरी सफर में जितना खर्च हुआ होगा, उसमें दस फीसद छूट भी मिलेगी।
मेट्रो के हर स्टेशन पर दो ही प्रवेश द्वार से प्रवेश
मेट्रो ने अपने यात्रियों की सुविधा के लिए 21 स्टेशनों में 19 स्टेशन ऐसे चिन्हित किए हैं, जहां दो प्रवेश व निकास द्वार से आ जा सकेगा। वहीं सिंगार नगर और चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर एक ही प्रवेश व निकास द्वार दिया गया है। मेट्रो अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो, उसके लिए मेट्रो के कर्मचारी व सुरक्षा गार्ड भी यात्रियों की मदद करेंगे।
कुछ इस तरह स्टेशनों पर प्रवेश व निकास
स्टेशन गेट नंबर
मुंशी पुलिया स्टेशन एक व दो
इंदिरा नगर स्टेशन एक व दो
भूतनाथ स्टेशन एक व दो
लेखराज स्टेशन एक और तीन
बादशाहनगर स्टेशन एक और चार
आइटी स्टेशन एक और दो
विश्वविद्यालय स्टेशन एक और दो
केडी सिंह स्टेडियम एक और दो
हजरतगंज स्टेशन एक और तीन
सचिवालय स्टेशन दो और चार
हुसैनगंज स्टेशन एक और दो
चारबाग स्टेशन दो और चार
दुर्गापुरी स्टेशन एक और दो
मवैया एक और दो
मवैया एक और दो
आलमबाग बस स्टेशन एक और दो
आलमबाग स्टेशन एक और दो
सिंगार नगर एक
कृष्णा नगर स्टेशन एक और दो
ट्रांसपोर्ट नगर स्टेशन एक और दो
अमौसी स्टेशन एक और दो
चौधरी चरण सिंह स्टेशन दो