कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार) के राज्य मंत्री चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि यूपी में भी साई (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) का सेंटर जरूर होना चाहिए। इसके लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को दिया है। इसे जरूर बनवाएंगे। वहीं, अगले एक दशक में ही मेरठ को खेलों के साथ ही उद्योगों में और सशक्त बनाया जाएगा।
शनिवार को कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में स्पोर्ट्स एज मेरठ कार्यक्रम में उन्होंने ये बातें कहीं। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी), स्पोर्ट्स सेक्टर स्किल काउंसिल, ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट के सहयोग से यह आयोजन किया गया। स्पोर्टएज (स्पोर्ट्स एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट फॉर ग्रोथ एंड एक्सीलेंस) ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसके माध्यम से अगले दस साल में खेलों के साथ ही खेल उद्योगों का वैश्विक स्तर का विकास किया जाएगा। इससे मेरठ के साथ ही प्रदेश व देश की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी। युवाओं को इसका लाभ मिलेगा।
जयंत ने कहा कि अब भारत 2030 कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। हमारे खिलाड़ी बॉक्सिंग, क्रिकेट, कबड्डी सहित अन्य वैश्विक मंचों पर नाम चमका रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि हमारा मैन्युफैक्चरिंग ईको सिस्टम भी उसी गति से आगे बढ़े। यही इस पहल का उद्देश्य है। मेरठ में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त स्पोर्ट्स हब बनने की पूरी क्षमता है। इसके लिए कारीगरों, उद्यमियों और युवाओं को आधुनिक कौशल, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
TOS News Latest Hindi Breaking News and Features