उत्तर भारतीय राज्यों में वायु प्रदूषण की स्थिति हुई गंभीर, कानून सुरक्षा के बाद भी Air Quality में नहीं सुधार

नई दिल्ली। उत्तर भारत के राज्यों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। लोगों को सांस लेने में मुश्किल आ रही है। साथ ही आंखें जल रही हैं। देश में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश को लागू किया गया था, लेकिन उसके बाद भी वायु प्रदूषण में कोई कमी नहीं दिख रही है। उत्तर भारतीय राज्यों में हवा की गुणवत्ता दूषित हो रही है। कई राज्यों में स्मॉग से लोगों की आंखों में जलन की शिकायत सामने आ रही है। यही नहीं, जिसके चलते लोगों को सांस लेने में काफी परेशानी हो रही है। कई इलाकों में पराली जलाने से भी विजिबिलिटी कम होती जा रही है। प्रदूषण बढ़ने से ज्यादातर राज्यों में एयर क्वालिटी बिगड़ चुकी है। पंजाब, उतराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, नई दिल्ली और मध्य प्रदेश में भी वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है।

दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ी स्थिति-

बात अगर दिल्ली-एनसीआर की करें तो यहां पर प्रदूषण की घनी चादर छाई हुई है। गुरुवार की सुबह यहां पर हवा की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज हुई है। यानी दिल्ली की हवा बेहद खराब स्तर पर पहुंच गई है। बता दें कि बीते दिनों यानी बुधवार की सुबह दिल्ली की हवा में थोड़ा सुधार आया था। कुछ समय के लिए वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से नीचे पहुंच गया था, लेकिन बुधवार की शाम हवा और खराब हो गई, जिससे विजिबिलिटी भी कम हो गई। गुरुवार की सुबह भी यह स्थिति बनी हुई है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के मुताबिक, दिल्ली से सटे शहरों का और प्रदूषण से बुरी स्थिति है। मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली से सटे गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता स्तर 469 तो नोएडा में 458 पहुंच गया है। वहीं, गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता स्तर 469 और फरीदाबाद में 421 है। उधर, हालात के बाबत मौसम विज्ञानियों ने दावा किया है कि अगले कुछ दिनों में वायु प्रदूषण में सुधार के कोई आसार नहीं हैं। मौसम विज्ञानियों की मानें तो अगर हालात यही रहे तो जल्द ही दिल्ली-एनसीआर में इमरजेंसी जैसी स्थिति हो जाएगी।

पंजाब में बिगड़ी स्थिति-

पंजाब में स्थिति बेहद खराब है। यहां की आबोहवा भी लगातार दूषित हो रही है। वायु प्रदूषण के चलते लोगों का सांस लेना दूभर होता जा रहा है। वहीं, चंडीगढ़ में भी हवा दूसरे शहरों की तरह ही अधिक जहरीली होती जा रही है। एक दम से पॉल्यूशन का एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर को भी पार चुका है। वहीं जालंधर में भी प्रदूषण का स्‍तर काफी बढ़ गया है। पटियाला में प्रदूषण से स्थिति बेहद खराब हो गई है।

हरियाणा में वायु प्रदूषण-

हरियाणा की आबोहवा लगातार खतरनाक हो रही है। यहां सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। यहां पर राज्‍य के तीन शहरों में वायु गुणवत्‍ता सूचकांक (AQI) 400 के ऊपर पहुंच गया है। यहां पर अंबाला देश का सबसे प्रद‍ूषित आबोहवा वाला शहर बन चुका है। यहां एक्‍यूआइ 452 पर पहुंच गया है।

यूपी के आगरा में हवा की गुणवत्ता खराब-

यूपी की ताजनगरी में बुधवार को वायु गुणवत्ता खराब स्थिति बेहद खराब रही। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 276 दर्ज किया गया है। यह मंगलवार के एक्यूआइ 264 से कम था। हवा में अति सूक्ष्म कणों की मात्रा मानक के छह गुना से अधिक दर्ज की गई। इसके चलते फेफड़े, दमा और श्वास रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

18 राज्यों को नोटिस-

गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल ने बीते दिनों पटाखे दागने से होने वाले प्रदूषण के मामलों की सुनवाई करते हुए 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया था। इन राज्यों की हवा को गुणवत्ता मानकों से कम बताया गया है। एनजीटी के अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ पहले ही दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को नोटिस जारी कर चुकी है।
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