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आषाढ़ की अमावस्या पर करें ये काम, हो सकता है श्रीलाभ

      अमावस्या पर व्रत और दान-पुण्य का महत्व हिंदू सनातन धर्म में बताया गया है और हर 15 दिन बाद पूर्णिमा और अमावस्या का लोगों को इंतजार भी रहता है। कुछ लोग इस दिन स्नान दान का भी पालन करते हैं। वैसे तो हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर माह अमावस्या होती है और हर अमावस्या का अपना अलग महत्व है। जैसे दीपावली के दिन जो अमावस्या होती है उसका तांत्रिक और सिद्धि के लिए काफी महत्व बताया जाता है। आज हम आपको आषाढ़ माह में पड़ने वाली अमावस्या के बारे में बताएंगे। यह अमावस्या भी अन्य अमावस्या की तरह ही है, बस इसमें कुछ कार्य ऐसे हैं जो करने से काफी लाभ होता है। इस बार यह अमावस्या 9 जुलाई को पड़ रही है। आइए जानते हैं। 

पहला कार्य

आषाढ़ की अमावस्या का भी हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। कहा जाता है कि इस दिन गीता का पाठ करना काफी शुभ है। अगर ऐसा करते हैं तो पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार के ऊपर कृपा बनी रहती है। कुछ कार्यों से धन-धान्य की भी कमी नहीं रहती।

दूसरा कार्य

जानकारी के मुताबिक, आषाढ़ की अमावस्या में घर में खुशी और तरक्की को बनाए रखने के लिए ईशान-कोण में शाम के समय गाय के घी का दीपक जलाना चाहिए। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि इसमें रूई नहीं बल्कि लाल रंग के धागे का उपयोग करने पर यह अतिउत्तम होगा। घी में केसर भी डालना होगा इससे श्री की कृपा बरसेगी।

तीसरा कार्य

जानकारी के मुताबिक, आषाढ़ अमावस्या की रात को 11 बजे नहाकर पीले रंग के वस्त्र  पहन लें और उत्तर दिशा की ओर कुश का आसन लगाकार उत्तर की ओर मुंह करके बैठें। पीले वस्त्र साफ होने चाहिए। पूजा की चौकी लगाएं और उसमें थाली में केसल का स्वास्तिक बनएं और ऊं लिखें। इस पर महालक्ष्मी का यंत्र स्थापित करें और शंख रखें और ऊपर केसर में रंगे चावल रखें। घी का दीपक जलाकर माता लक्ष्मी की आरती करें और पूजन करें।

चौथा कार्य

लोग अमूमन अमावस्या और पूर्णिमा पर लोगों को भोजन कराते हैं। आप आषाढ़ की अमावस्या में भी भूखे लोगों को भोजन करा सकते हैं। जानकारों के मुताबिक, भूखों को भोजन कराना काफी लाभकारी और परोपकारी काम माना गया है। यह हर धर्म में है। आप चाहें तो अमावस्या के दिन चीटियों को भी आटा या शक्कर खिला सकते हैं। उसके लिए आपको चीटियों के छेद में आटा और शक्कर डालना होगा। चीटियों और मछलियों को दाना खिलाना यह काफी नेक काम माना गया है।

पांचवा कार्य

जानकारी के मुताबिक, आषाढ़ अमावस्या के दिन आप ब्रह्ममुहूर्त में स्नान करें और आटे की गोलियां बनाएं। आटे की गोलियों को बनाते समय आप मां लक्ष्मी का भी ध्यान करते रहें और उनका नाम लें। यह आप नदी या तालाब में जाकर मछलियों को खिला दें। मान्यता है कि मछलियों को दाना डालने से आपके सारे कष्ट हर लिए जाते हैं और आपको धन लाभ होता है।

 

– GB Singh

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