Big Breaking: लखनऊ राजभवन के सामने दिनदहाड़े तीन को गोली मारकर लूटे गये लाखों रुपये!

लखनऊ: राजधानी के हाई सिक्योरिटी जोन राजभवन के पास सोमवार दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाश ने कैश सिक्योरिटी वैन के गार्ड व कस्टोडियन को गोली मारी और लाखों रुपये से भरा बैग लूट ले गया। वैन के चालक ने किसी तरह एक बैग बचाया और सड़क पर शोर मचाता हुआ दौड़ा तो बदमाश ने उसको भी गोली मार दी। घायल गार्ड व कस्डोडियन को इलाज के लिए ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां गार्ड की मौत हो गयी। इस सनसनीखेज वारदात की सूचना मिलते ही मौके पर डीजीपी ओपी सिंह, एडीजी कानून-व्यवस्था से लेकर अन्य कई आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम लुटेरे की तलाश में लगी है।


विभूतिखण्ड इलाके में एसआईपीएल नाम की कैश सिक्योरिटी एजेंसी है। यह एजेंसी लोगों व कारोबारियों के रुपये लेकर बैंक में जमा करने का काम करती है। बताया जाता है कि सोमवार को सिक्योरिटी एजेंसी की एक बुलेरो गाड़ी कई जगहों से कैश जमा करने के बाद करीब 3 बजे राजभवन स्थित एक्सिस बैग पहुंची। बुलेरो गाड़ी में चालक मलिहाबाद निवासी रामसेवक, गार्ड 50 वर्षीय सीतापुर निवासी इंद्रमोहन और कस्टोडियन नाका निवासी उमेश मौजूद थे। चालक रामसेवक का कहना है कि उन लोगों ने बुलेरो गाड़ी को कानून मंत्री ब्रजेश पाठक के बंगले के बगल में पार्क किया।

वह लोग अभी बुलेरो गाड़ी में मौजूद ही थे कि एक नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचा। गाड़ी के पास पहुंचते ही उसने गार्ड इंद्रमोहन को गोली मार दी। दो गोली गार्ड के सीने पर लगी और कस्टोडियन उमेश के पैर पर लगी। गोली चलते ही चालक रामसेवक गाड़ी से नीचे उतरा और रुपये से भरा एक बैग निकालने लगा। इस बीच बदमाश ने कस्टेडियन उमेश को भी गोली मार दी और गाड़ी में रखा रुपये से भरा एक बैग लूट लिया।

उधर चालक रामसेवक शोर मचाते हुए बैंक की तरफ भागा तो बदमाश ने उसका भी पीछा किया और बैंक के सामने चालक पर गोली चला दी। असलहे से निकले कुछ छर्रे चालक के पेंट में लगे। शोर होते ही आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़े तो बदमाश अपनी सफेद रंग की अपाचे बाइक यूपी 32 बीके 7608 पर सवार होकर हजरतगंज की तरफ भाग खड़ा हुआ।

मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायल को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से इंद्रमोहन और उमेश को ट्रामा सेंटर भेज दिया गया, जबकि चालक रामसेवक को प्राथमिक उपाचार के बाद छुट्टी दे दी गयी। वहीं ट्रामा सेंटर में घायल गार्ड इंद्रमोहन की मौत हो गयी। उधर दिनदहाड़े राजभवन के पास हुई लूट की सूचना मिलते ही मौके पर डीजीपी ओपी सिंह, एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार, एडीजी जोन राजीव कृष्णा, आईजी रेंज सुजीत पाण्डेय, एसएसपी कलानिधिक नैथानी, क्राइम ब्रांच सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गयी।

पुलिस और क्राइम ब्रांच की कई टीमें बदमाश की तलाश में लगा दी गयी है। आईजी सुजीत पाण्डेय ने बताया कि पुलिस को लुटेरे के बारे में अहम सुराग मिला है और जल्द ही उसको गिरफ्तार कर लिया जायेगा। लूटे गये बैग में कितने रुपये थे, अभी इसकी अधिकारिक पुष्टिï नहीं हुई है। बताया जाता है कि लूटे गये बैग में 20 से 22 लाख रुपये थे।

कस्टेक्शन कम्पनी अधिकारी ने बदमाश से छीना असलहा, बदमाश ले गया बैग
वैन चालक रामसेवक जब मदद के लिए शोर मचाते हुए बैंक की तरफ भाग रहा था, उसी वक्त अनौरा निवासी कंस्ट्रक्शन कम्पनी अधिकारी प्रभात कुमार पाण्डेय अपनी गाड़ी से गुजर रहे थे। चालक का शोर सुन वह मदद के लिए नीचे उतरे तो बदमाश ने प्रभात पर असलहा तान दिया। इस पर प्रभात ने हिम्मत दिखायी और हाथ मारकर बदमाश का असलहा गिरा दिया। प्रभात का कहना है कि असलहा गिरते ही बदमाश ने दूसरा असलहा निकाल लिया और प्रभात पर तान दिया। दूसरा असलहा देखते ही प्रभात थोड़ा सहम गया और पीछे हट गया। इस पर बदमाश पास में ही खड़ी अपनी बाइक से बैठकर भाग निकला। इसके बाद मौके पर जब पुलिस पहुंची तो प्रभात ने बदमाश को गिरा हुआ असलहा उठाकर पुलिस को सौप दिया। प्रभात पाण्डेय ने बताया कि बदमाश उनका बैग भी लूट कर ले गया है। बैग में जरूरी दस्तावेज रखे थे।

सिद्घार्थनगर की रहने वाली गीता ने भी मचाया शोर
कानून मंत्री ब्रजेश पाठक के घर के पास जहां पर कैश वैन खड़ी थी, वहीं पास में ही सिद्घार्थनगर निवासी गीता अपने दो बच्चों के साथ बैठी थी। उसने बताया कि उसने जैसे ही गोली चलने की आवाज सुनी तो वह दौड़कर मौके पर पहुंची। उसने देखा कि एक बदमाश गोली मारकर बैग लूटकर भाग रहा था। इस पर गीता ने मदद के लिए शोर भी मचाया। गीता का कहना है कि शोर होने पर लोग तो पहुंचे पर किसी ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने की जहमत नहीं उठायी। गीता का यह भी आरोप है कि इतनी वीआईपी जगह पर घटना के आधे घंटे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने भी घायलों को अस्पताल पहुंचने में काफी समय गुजार दिया।

बदमाश की बाइक को नम्बर निकला फर्जी
पुलिस को चश्मदीद और सीसीटीवी की मदद से बदमाश की बाइक को जो नम्बर मिला वह फर्जी मिला। अपाचे बाइक पर बदमाश ने स्पलेंडर बाइक का नम्बर लगा रहा था। यूपी 32 बीके 7068 टीवीएस बाइक का मिला, जबकि यूपी 32 जीके 7068 एक स्कूटर का निकला।

बैंक के गेट पर लगे कैमरे में दिखा बदमाश
एसपी पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्र ने बताया कि एक्सिस बैंक के गेट के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में बदमाश की फुटेज कैद हुई है। बदमाश का चेहरा ढका मिला है, जिसकी वजह से उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। फिलहाल पुलिस फुटेज के आधार पर छानबीन कर रही है।

रेकी पर वारदात को अंजाम दिया गया
इस घटना की छानबीन मेें लगे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया है, उससे साफ जाहिर होता है। वारदात को पूरी रेेकी कर अंजाम दिया गया है। बदमाश को इस बात का पहले से पता था कि कैश वैन मुख्य सड़क पर न खड़ी होकर सर्विस लेन पर खड़ी होती है। यहां तक कि उसको वैन के बैंक पहुंचने का भी समय पता था। पुलिस इस बात का मान रही है कि बदमाश को कैश वैन के पूरे मूवमेंट के बारे में पहले से पता था। इसलिए पुलिस की एक टीम उन जगहों पर भी भेजी गयी है, जहां से वैन में कैश उठाया था।

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