BJP को अब भी शिवसेना से उम्मीद, अमित शाह ने फोन पर उद्धव ठाकरे को दी जन्मदिन की बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार हमलावर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने फोन करके जन्मदिन की बधाई दी है. कल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी उद्धव ठाकरे को ट्वीट कर बधाई दी थी. बताया जा रहा है राहुल ने फोन पर भी कल पहली बार उद्धव ठाकरे से बात की थी. बता दें कि कुछ दिन पहले विपक्ष की तरफ से मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद से शिवसेना और बीजेपी में कुछ ठीक नहीं चल रहा है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार हमलावर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने फोन करके जन्मदिन की बधाई दी है. कल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी उद्धव ठाकरे को ट्वीट कर बधाई दी थी. बताया जा रहा है राहुल ने फोन पर भी कल पहली बार उद्धव ठाकरे से बात की थी. बता दें कि कुछ दिन पहले विपक्ष की तरफ से मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद से शिवसेना और बीजेपी में कुछ ठीक नहीं चल रहा है.   संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग का शिवसेना ने बहिष्कार कर दिया था. अमित शाह की उद्धव ठाकरे को बधाई देने के पीछे कई मायने निकाले जा रहे हैं. दरअसल कुछ दिन पहले ही अमित शाह ने महाराष्ट्र में अकेले चुनाव लड़ने की बात कही थी. सूत्रों के मुताबिक, शाह ने मुंबई में कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों में साफ कर दिया था कि लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने की तैयारी करें. गौरतलब है कि अमित शाह ने इसी साल जून में मुंबई जाकर मातोश्री में उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी.   राहुल गांधी ने उद्धव ठाकरे को जन्मदिन की बधाई दी, जानें क्या हैं मायने   मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव तो टीडीपी लेकर आई थी, लेकिन इस प्रस्ताव ने एनडीए के बीच अविश्वास की खाई को और गहरा कर दिया. शिवसेना ने अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मोदी सरकार के साथ न खड़े होकर बीजेपी-शिवसेना के बीच चल रहे खटास भरे संबंधों को और भी खट्टा कर दिया. पार्टी नेतृत्व सीधे तौर पर इस मामले से जुड़ा है, लिहाजा बाकी नेता खुलकर नहीं बोल रहे.   बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 23 और शिवसेना ने 18 लोकसभा सीटें जीती थी. विधानसभा चुनाव आते-आते बीजेपी ने मोदी लहर के दम पर सालों पुराने गठबंधन में ज़्यादा सीटों की मांग की और दोनों पार्टी 25 साल बाद अलग-अलग चुनाव लड़ी. बीजेपी को 122 विधानसभा सीटों पर जीत मिली और शिवसेना को 63 सीटों पर जीत हासिल हुई. हालांकि, बाद में शिवसेना ने बीजेपी को समर्थन का एलान कर दिया और गठबंधन सरकार में शामिल भी हुई.

संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग का शिवसेना ने बहिष्कार कर दिया था. अमित शाह की उद्धव ठाकरे को बधाई देने के पीछे कई मायने निकाले जा रहे हैं. दरअसल कुछ दिन पहले ही अमित शाह ने महाराष्ट्र में अकेले चुनाव लड़ने की बात कही थी. सूत्रों के मुताबिक, शाह ने मुंबई में कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों में साफ कर दिया था कि लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने की तैयारी करें. गौरतलब है कि अमित शाह ने इसी साल जून में मुंबई जाकर मातोश्री में उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी.

मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव तो टीडीपी लेकर आई थी, लेकिन इस प्रस्ताव ने एनडीए के बीच अविश्वास की खाई को और गहरा कर दिया. शिवसेना ने अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मोदी सरकार के साथ न खड़े होकर बीजेपी-शिवसेना के बीच चल रहे खटास भरे संबंधों को और भी खट्टा कर दिया. पार्टी नेतृत्व सीधे तौर पर इस मामले से जुड़ा है, लिहाजा बाकी नेता खुलकर नहीं बोल रहे.

बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 23 और शिवसेना ने 18 लोकसभा सीटें जीती थी. विधानसभा चुनाव आते-आते बीजेपी ने मोदी लहर के दम पर सालों पुराने गठबंधन में ज़्यादा सीटों की मांग की और दोनों पार्टी 25 साल बाद अलग-अलग चुनाव लड़ी. बीजेपी को 122 विधानसभा सीटों पर जीत मिली और शिवसेना को 63 सीटों पर जीत हासिल हुई. हालांकि, बाद में शिवसेना ने बीजेपी को समर्थन का एलान कर दिया और गठबंधन सरकार में शामिल भी हुई.

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