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सीएम योगी ने बिजली संकट को देखते हुए खुद संभाला मोर्चा, दिए निर्देश

देश के साथ उत्तर प्रदेश में बिजली संकट के बीच में सीएम योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभाल लिया है। मुख्यमंत्री ने टीम-09 के साथ समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को सभी 75 जिलों में रोस्टर के अनुरूप निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान कहा है कि हमको केन्द्र सरकार की ओर से हर संभव मदद मिल रही है। प्रदेश में सभी बिजली उत्पादक केन्द्रों की कोयला की मांग को शीर्ष वरीयता पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि अगर जरूरी हो तो कोयला खदानों से सभी पावर प्लांट तक कोयले की ढुलाई के लिए रेल मार्ग के साथ-साथ हमको सड़क मार्ग का प्रयोग भी किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में अभी सुधार की व्यापक आवश्यकता है। भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के दृष्टिगत व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। विभागीय मंत्री भी इसमें सुधार लाने के लिए विभाग की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा करते हुए हर स्तर पर व्यापक बदलाव के प्रयास करें। सभी जिलों का मूल्यांकन कर मांग के अनुरूप बिजली आपूर्ति को जारी रखें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधारों की वकालत करते हुए सोमवार को कहा कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक कार्य योजना बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य इस समय बिजली संकट से जूझ रहा है। करीब 23 हजार मेगावाट बिजली की मांग के मुकाबले 20,800 मेगावाट बिजली ही दी जा रही है। राज्य को राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश से लगभग 1600 मेगावाट बिजली मिली है, लेकिन अभी भी लगभग 2000 मेगावाट की कमी है, जिसके परिणामस्वरूप बिजली कटौती हो रही है। विद्युत क्षेत्र में सुधारों की बहुत बड़ी आवश्यकता है। भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए। विभागीय मंत्री अब विभाग के कामकाज की गहन समीक्षा के बाद हर स्तर पर व्यापक परिवर्तन के प्रयास करें।

समीक्षा बैठक के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी उपभोक्ताओं को सही समय पर बिजली का बिल मिले। ओवर-बिलिंग, झूठी बिलिंग या लेट बिलिंग से उपभोक्ताओं को असुविधा होती है। इस प्रणाली को सुधारने के लिए, बिजली विभाग को बिलिंग की क्षमता बढ़ाने और इसकी वसूली के लिए एक ठोस कार्य योजना बनानी होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में बिजली के बिल बकाया है। इसको देखते हुए बिजली बिल के समयबद्ध भुगतान के लिए उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।ओवरबिलिंग, फाल्स बिलिंग अथवा विलंब से बिल दिया जाना उपभोकता को परेशान करती है। इस व्यवस्था में सुधार के लिए बिलिंग और कलेक्शन एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए ऊर्जा विभाग को ठोस कार्ययोजना बनानी होगी। ग्रामीण इलाकों में विशेष प्रयास की जरूरत है। बिजली बिल बकाए के भुगतान के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लाई जाए। उन्होंने कहा कि योजना ऐसी हो, जिसमें लोगों को बकाए पर ब्याज से छूट मिले, इसके साथ किस्त में भुगतान की सुविधा हो। इस संबंध में यथाशीघ्र कार्रवाई हो। 

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