दिल्लीवालों को ‘महंगी बिजली का बोझ’, पॉकेट पर पड़ेगी मार

दिल्ली में बिजली के दामों में डीईआरसी ने कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं की है, इसके बावजूद दिल्लीवालों पर महंगी बिजली का बोझ पड़ेगा. दिल्ली विद्युत नियामक आयोग ने फिक्स चार्ज में बदलाव किया है. साथ ही जिस पेंशन ट्रस्ट के लिए पहले बिजली कंपनियां 694 करोड़ रुपये देती थी, उसे अब 3.70% के सरचार्ज के साथ आम लोगों से वसूला जाएगा.दिल्लीवालों को 'महंगी बिजली का बोझ', पॉकेट पर पड़ेगी मारअभी-अभी: हार्दिक पटेल को लगा बड़ा झटका, आंदोलन का पुराना साथी बना सरकारी गवाह

बिजली के नए दामों में आंकड़ों की बाजीगरी से केजरीवाल सरकार बेशक वाहवाही लूट रही है, लेकिन आम आदमी को महंगाई का थोड़ा झटका लगा है. नए पावर टैरिफ में प्रति यूनिट बिजली की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन फिर भी 2 किलोवाट के कनेक्शन पर बिजली बिल में 3.70% की बढ़ोतरी दिखाई देगी. फिक्स्ड चार्ज में बढ़ोतरी के कारण 3 किलोवाट से ज्यादा कनेक्शन पर अतिरिक्त मार पड़ेगी.

अब ये 3.70 फीसदी का सरचार्ज क्यों वसूला जा रहा है उसका गणित समझिए. डीवीबी के पेंशन धारकों के लिए हर साल 694 करोड़ रुपयों की जरूरत होती है. अब निजीकरण के बाद ये पेंशन धारक वितरण कंपनियों के मोहताज हो गए थे. वहीं बीएसईएस और एनडीपीएल उन्हें अपना कर्मी मानती ही नहीं थी तो पेंशन के लिए पैसा देने में आनाकानी की जाती थी. अब डीईआरसी के मुताबिक केजरीवाल सरकार ने सिफारिश की थी कि पेंशन ट्रस्ट के लिए दिल्लीवालों से 3.70% सरचार्ज वसूली की जाए. सरकार की सिफारिश को डीईआरसी ने मान लिया है और अब जो पैसा पहले बिजली कंपनियों के टैरिफ में शामिल होता था अब उसे दिल्लीवालों से वसूला जाएगा.

दिल्लीवालों से वैसे 8 फीसदी का सरचार्ज पहले से वसूला जाता रहा है, ये वसूली बिजली कंपनियों के घाटे की भरपाई के लिए जारी है. डीईआरसी चेयरमैन के मुताबिक अगले 3 सालों तक 8 फीसदी का सरचार्ज जारी रहेगा. ऐसे में अब दिल्लीवाले कुल 11.70% सरचार्ज देंगे. फिक्स्ड चार्ज में भी बढ़ोतरी हुई है जिसका बड़ा असर ज्यादा बिजली की खपत करने वालों पर पड़ेगा. दिल्ली में पिछली बार 2014 में बिजली के दाम बढ़े थे. नया टैरिफ एक सितम्बर से ही लागू हो जाएगा.

टैरिफ में बदलाव

-सिर्फ फिक्स चार्ज में बदलाव हुआ है

-दो किलोवाट के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है

-तीन किलोवाट पर हर महीने 5 रुपये ज्यादा देने होंगे

-4 किलोवाट वालों को 40 रुपये ज्यादा देना होगा

-5 किलोवाट वालों पर हर महीने 75 रुपये का बोझ पड़ेगा

-ई रिक्शा चार्जिंग के लिए 5.50 रुपये प्रति यूनिट का चार्ज होगा

-कृषि के लिए सैंक्शन लोड 10 केवी से बढ़ाकर 20 केवी कर दिया गया है

-गोशालाओं को डोमेस्टिक यूज के तहत लाया गया

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