GST रिटर्न फॉर्म 1 पन्‍ने का होगा, लोकसभा में सरकार ने रखा संशोधित बिल

नई दिल्ली: जीएसटी में रिटर्न भरने की प्रक्रिया को सरल बनाने और कंपोजिशन स्‍कीम के तहत ऊपरी सीमा को एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये करने संबंधी केंद्रीय माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया गया. इसके अलावा समन्वित माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक, केंद्र शासित प्रदेश माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक और माल व सेवा कर राज्यों को मुआवजा संशोधन विधेयक 2018 पेश भी किया गया. अगर यह बिल पास हो जाता है तो इससे व्‍यापारियों को बड़ा फायदा होगा.GST रिटर्न फॉर्म 1 पन्‍ने का होगा, लोकसभा में सरकार ने रखा संशोधित बिल

क्‍या-क्‍या बदल जाएगा
बिल में संयुक्त उदग्रहण योजना (कंपोजिशन स्कीम) के तहत करदाताओं के पात्र होने की ऊपरी सीमा को एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये करने, रिटर्न संबंधी त्रैमासिक विवरणी दायर करने की प्रक्रिया, रिटर्न की प्रक्रिया को सरल बनाने जैसे प्रावधान किए गए हैं. संशोधन विधेयक का कांग्रेस के सुनील जाखड़ ने विरोध किया. उनका दावा था कि इससे पंजाब को प्रतिवर्ष 10 हजार करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि इसके कारण लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म उद्यम को नुकसान होगा. इस बारे में संशोधन विधेयक जल्दबाजी में लाया गया है. इससे पहले इन विषयों के बारे में पंजाब के साथ चर्चा नहीं की गई. 

कंपोजिशन स्‍कीम में ऊपरी सीमा बढ़ेगी
गोयल ने कहा कि इस संशोधन के माध्यम से कम्पोजिशन स्कीम को व्यवहारिक बनाते हुए इसके दायरे को एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये किया गया है. उन्होंने कहा कि जीएसटी व्यवस्था में सुधार करते हुए लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म क्षेत्र के उद्यमों की खासतौर पर चिंता की गई है. इस विषय पर वित्त राज्य मंत्री के नेतृत्व में एक समिति का भी गठन किया गया है जो सभी विषयों पर विचार करेगी.

1 पन्‍ने का होगा रिटर्न भरने का फॉर्म 
पीयूष गोयल ने कहा कि रिटर्न भरने की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए ‘सहज’ एवं ‘सुलभ’ नाम से एक पन्ने के फार्म पेश किये गए हैं. इसके साथ ही 5 करोड़ रुपये तक टर्नओवर वाले जीएसटी में पंजीकृत लोगों को 3 महीने में एक बार रिटर्न भरने की व्यवस्था की गई है. कपड़ा क्षेत्र की इसमें विशेष चिंता की गई है. इसके साथ शिल्पकारों, पत्थर की मूर्तियां बनाने वालों, लकड़ी की कलाकृतियां बनाने वालों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है. छोटे कलाकारों को तरजीह देते हुए राखी को भी जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है. 

बिल की धारा 10 में संशोधन का प्रावधान
विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि प्रस्तावित केंद्रीय माल और सेवा 2018 में अन्य बातों के अलावा पूर्ति के विस्तार को स्पष्ट करने के लिये अधिनियम की धारा 7 का संशोधन करने का उपबंध किया गया है. अधिनियम की धारा 10 में संशोधन करके संयुक्त उद्ग्रहण की सीमा को एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये करने की बात कही गई है. अधिनियम की धारा 22 का संशोधन करके विशेष प्रवर्ग राज्यों में पंजीकरण के लिये छूट की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रावधान किया गया है.

इसके तहत अधिनियम की धारा 25 में संशोधन करके करदाताओं को यह विकल्प प्रदान करने की व्यवस्था दी गई है कि वे समान राज्यों या संघ राज्य क्षेत्र में स्थित कारोबार के बहु स्थानों के लिये बहु पंजीकरण प्राप्त कर सकें. इसके साथ ही विशेष आर्थिक जोन यूनिट या विकासकर्ता के लिये अलग पंजीकरण करने की व्यवस्था बनाई गई. इसके तहत अपील दायर करने की संदेय पूर्व जमा रकम की अधिकतम सीमा को 25 करोड़ रुपये तक नियत किया जा रहा है.

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