Jio का जलवा, बाकी इन 3 कंपनियों की 3 साल में हालत पस्त

देश की तीन प्रमुख दूरसंचार कंपनियों- एयरटेल, आइडिया और वोडाफोन का मुनाफा पिछले तीन साल के दौरान आधा हो गया है. साथ ही इन कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन में 10 प्रतिशत की गिरावट आई है. एक रिपोर्ट में यह जानकारी देते हुए चेताया गया है कि दूरसंचार क्षेत्र में सुधार 2019-20 में उद्योग का एकीकरण पूरा होने के बाद ही दिखेगा.  देश की तीन प्रमुख दूरसंचार कंपनियों- एयरटेल, आइडिया और वोडाफोन का मुनाफा पिछले तीन साल के दौरान आधा हो गया है. साथ ही इन कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन में 10 प्रतिशत की गिरावट आई है. एक रिपोर्ट में यह जानकारी देते हुए चेताया गया है कि दूरसंचार क्षेत्र में सुधार 2019-20 में उद्योग का एकीकरण पूरा होने के बाद ही दिखेगा.    क्रिसिल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर, 2016 में रिलायंस जियो के प्रवेश के बाद इस क्षेत्र में जोरदार प्रतिस्पर्धा की स्थिति पैदा हुई. इसकी वजह से चालू वित्त वर्ष में तीनों मौजूदा ऑपरेटरों के सकल राजस्व में 14 से 16 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन कंपनियों को अपने ग्राहकों को कायम रखने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ेगा.    रिपोर्ट कहती है कि चालू वित्त वर्ष 2018-19 में उद्योग में डेटा की वृद्धि दर 45 प्रतिशत रहेगी, जबकि ग्राहकों की संख्या में तीन प्रतिशत का इजाफा होगा. लेकिन प्रति ग्राहक औसत राजस्व (एआरपीयू) 18 से 20 प्रतिशत घट जाएगा. इसमें कहा गया है कि उद्योग की आमदनी में चालू वित्त वर्ष में भारी गिरावट आएगी.  क्रिसिल ने कहा कि जियो द्वारा शुरू की गई प्रतिस्पर्धा से वित्त वर्ष 2017-18 में उद्योग का सकल राजस्व 10 प्रतिशत और समायोजित सकल राजस्व या एजीआर 20 प्रतिशत घटा है.    क्रिसिल ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में उद्योग के मुनाफे में सुधार की संभावना नहीं है क्योंकि आईयूसी कटौती के पूरे साल के प्रभाव की वजह से मार्जिन में डेढ़ से दो प्रतिशत की और कमी आएगी. तीनों शीर्ष कंपनियों के मार्जिन में उल्लेखनीय गिरावट आएगी

क्रिसिल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर, 2016 में रिलायंस जियो के प्रवेश के बाद इस क्षेत्र में जोरदार प्रतिस्पर्धा की स्थिति पैदा हुई. इसकी वजह से चालू वित्त वर्ष में तीनों मौजूदा ऑपरेटरों के सकल राजस्व में 14 से 16 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन कंपनियों को अपने ग्राहकों को कायम रखने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ेगा.  

रिपोर्ट कहती है कि चालू वित्त वर्ष 2018-19 में उद्योग में डेटा की वृद्धि दर 45 प्रतिशत रहेगी, जबकि ग्राहकों की संख्या में तीन प्रतिशत का इजाफा होगा. लेकिन प्रति ग्राहक औसत राजस्व (एआरपीयू) 18 से 20 प्रतिशत घट जाएगा. इसमें कहा गया है कि उद्योग की आमदनी में चालू वित्त वर्ष में भारी गिरावट आएगी.

क्रिसिल ने कहा कि जियो द्वारा शुरू की गई प्रतिस्पर्धा से वित्त वर्ष 2017-18 में उद्योग का सकल राजस्व 10 प्रतिशत और समायोजित सकल राजस्व या एजीआर 20 प्रतिशत घटा है.  

क्रिसिल ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में उद्योग के मुनाफे में सुधार की संभावना नहीं है क्योंकि आईयूसी कटौती के पूरे साल के प्रभाव की वजह से मार्जिन में डेढ़ से दो प्रतिशत की और कमी आएगी. तीनों शीर्ष कंपनियों के मार्जिन में उल्लेखनीय गिरावट आएगी

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