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कारोबार

साल 2017-18 में खाद्यान्न उत्पादन 285 मिलियन टन होने का अनुमान

कृषि मंत्रालय के अनुसार जून में समाप्त होने वाले फसल वर्ष 2017-18 में भारत का खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 28 करोड़ 48 लाख 30 हजार टन के नए रिकार्ड स्तर तक पहुंचने का अनुमान है. यह अब तक का सबसे ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन है. मानसून सामान्य रहने के बाद गेहूं, चावल, मोटे अनाज और दालों का रिकॉर्ड उत्पादन होने की उम्मीद है. मंत्रालय ने कहा कि फसल वर्ष 2017-18 में गेहूं का उत्पादन 9.97 करोड़ टन, चावल 11 करोड़ 29 लाख टन और दाल उत्पादन दो करोड़ 52 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है. कुल खाद्यान्न उत्पादन में 53 लाख टन की वृद्धि पिछला रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन फसल वर्ष 2016-17 में 27 करोड़ 51 लाख टन हुआ था. खाद्यान्नों में चावल, गेहूं, मोटे अनाज और दालें शामिल हैं. कृषि मंत्रालय के जारी चौथे अग्रिम अनुमान में, मंत्रालय ने फसल वर्ष 2017-18 के लिए 27 करोड़ 95 लाख 10 हजार टन के पिछले अनुमान को संशोधित कर कुल खाद्यान्न उत्पादन में 53 लाख टन की वृद्धि की है. मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'मॉनसून 2017 सामान्य रहने और सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न नीतिगत पहलों से देश ने 2017-18 में रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन की स्थिति को देखा है.' गेहूं उत्पादन अनुमान बढ़ाया गया फसल वर्ष 2017-18 में गेहूं उत्पादन अनुमान को 10.6 लाख टन बढ़ाकर नौ करोड़ 97 लाख टन किया गया है. वर्ष 2016-17 में गेहूं का उत्पादन नौ करोड़ 85 लाख टन रहा था. इसी तरह, वर्ष 2017-18 के लिए चावल उत्पादन अनुमान 13.9 लाख टन बढ़ाकर रिकॉर्ड 11 करोड़ 29 लाख टन किया गया है. यह फसल वर्ष 2016-17 के 10.97 करोड़ टन के उत्पादन के मुकाबले कहीं अधिक है. वर्ष 2017-18 के लिए मोटे अनाज का उत्पादन अनुमान 21.2 लाख टन बढ़ाकर रिकॉर्ड चार करोड़ 70 लाख टन किया गया है. यह उत्पादन अनुमान वर्ष 2016-17 के दौरान चार करोड़ 38 लाख टन के उत्पादन से अधिक है. वर्ष 2017-18 के दौरान दालों का उत्पादन अनुमान दो करोड़ 52 लाख टन होने का लगाया गया है, और इस तरह पिछले अनुमान में 7.2 लाख टन की वृद्धि हुई है. पिछले वर्ष यह उत्पादन दो करोड़ 31 लाख टन था. फसल वर्ष 2017-18 के लिए तिलहन उत्पादन अनुमान को बढ़ाकर तीन करोड़ 13 लाख टन किया गया है, जो पिछले वर्ष के तीन करोड़ 13 लाख टन के उत्पादन से मामूली अधिक है. मंत्रालय फसल वृद्धि के विभिन्न चरणों में खाद्यान्न उत्पादन के कुल पांच अनुमान जारी करता है. वर्ष 2017-18 के लिए अंतिम अनुमान 2018-19 के नए साल के लिए पहले अनुमान के साथ जारी किया जाएगा. मौजूदा समय में खरीफ बुवाई चल रही है

कृषि मंत्रालय के अनुसार जून में समाप्त होने वाले फसल वर्ष 2017-18 में भारत का खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 28 करोड़ 48 लाख 30 हजार टन के नए रिकार्ड स्तर तक पहुंचने का अनुमान है. यह अब तक का सबसे ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन है. मानसून सामान्य रहने के बाद गेहूं, चावल, …

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शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, सेंसेक्स ने बनाया नया रिकॉर्ड, निफ्टी 11745 पर खुला

अगस्त फ्यूचर एंड ऑप्शंस एक्सपायरी के पहले बुधवार को घरेलू शेयर बाजार की सपाट शुरुआत हुई. सेंसेक्स 93 अंकों की उछाल के साथ 38,989.65 के स्तर पर खुला. यह सेंसेक्स का नया रिकॉर्ड हाई रहा. वहीं, निफ्टी की शुरुआत 6 अंक की बढ़त के साथ 11,745 के स्तर पर हुई. कारोबार के दौरान निफ्टी ने 11,753.20 के स्तर तक पहुंचा, वह अपने नए रिकॉर्ड से महज 8 अंक दूर है. एनएसई पर सेक्टोरल इंडेक्स में बैंकिंग, ऑटो, मेटल और रियल्टी में तेजी दिख रही है। वहीं एचडीएफसी, RIL, एसबीआई, कोटक बैंक, मारुति में बढ़त से बाजार को सपोर्ट मिला है। सेंसेक्स ने बनाया नया रिकॉर्ड हाई - 29 अगस्त को सेंसेक्स पहली बार 38,989.65 के स्तर पर खुला. यह सेंसेक्स का नया रिकॉर्ड हाई रहा. - 28 अगस्त को सेंसेक्स पहली बार 38,896 के स्तर पर बंद हुआ. - 28 अगस्त को सेंसेक्स ने पहली बार 38,920.14 का नया रिकॉर्ड हाई बनाया. - 27 अगस्त को सेंसेक्स ने पहली बार 38,736.88 के स्तर को छुआ. वहीं, 38694 के स्तर पर बंद हुआ - 27 अगस्‍त को सेंसेक्‍स 259.42 अंकों के उछाल के साथ 38,511.22 अंक के रिकॉर्ड स्तर पर खुला. - 23 अगस्त को सेंसेक्स 38,487.63 के नए ऊपरी स्तर तक पहुंचा. - 21 अगस्त को सेंसेक्स ने पहली बार 38,400 के स्तर को पार किया और 38402.96 का ऑलटाइम हाई बनाया था. - 20 अगस्त को सेंसेक्स ने 38340.69 के स्तर को छुआ था. - 09 अगस्त को सेंसेक्स 38,076.23 के ऑलटाइम हाई स्तर पर पहुंचा था. - 08 अगस्त को सेंसेक्स ने 37,931.42 के स्तर तक दस्तक दी थी. - 07 अगस्त को सेंसेक्स ने 37,876.87 का स्तर टच किया था. - 06 अगस्त को सेंसेक्स ने 37,805.25 का ऑलटाइम हाई बनाया था. - 01 अगस्त को सेंसेक्स ने 37,711.87 के स्तर तक दस्तक दी थी. निफ्टी भी नई ऊंचाई पर खुला - 29 अगस्त को निफ्टी पहली बार 11,745 के स्तर पर खुला. यह उसका ओपनिंग हाई रहा. हालांकि, निफ्टी का रिकॉर्ड हाई 11,760.20 का है. - 28 अगस्त को निफ्टी पहली बार 11,738 के स्तर पर बंद हुआ. - 28 अगस्त को निफ्टी ने पहली बार 11,756.05 का नया रिकॉर्ड हाई बनाया. - 27 अगस्त को निफ्टी ने 11,700.95 के स्तर को टच किया. - 27 अगस्त को निफ्टी ने 11,605.85 के स्तर को पर खुला था. - 23 अगस्त को निफ्टी पहली बार 11,600 के पार हुआ और 11,620.70 के स्तर तक दस्तक दी. - 21 अगस्त को निफ्टी ने 11,581.75 के नए स्तर को छुआ था. - 20 अगस्त को निफ्टी ने पहली बार 11,500 के स्तर को पार किया और 11,565.30 के रिकॉर्ड हाई पर गया था. - 09 अगस्त को निफ्टी 11,495.20 के ऑलटाइम हाई पर गया था. - 08 अगस्त को निफ्टी ने 11,459.95 की नई ऊंचाई को छुआ. - 07 अगस्त को निफ्टी ने 11428.95 का स्तर टच किया था. - 06 अगस्त को निफ्टी पहली बार 11,400 के स्तर को पार करने में कामयाब हुआ था. तब निफ्टी ने 11,427.65 का ऑलटाइम हाई बनाया था. - 01 अगस्त 2018 को निफ्टी ने 11,390.55 की नई ऊंचाई पर पहुंचा था. मिडकैप- स्मॉलकैप शेयरों में बढ़त कारोबार के दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बढ़त दिख रही है. बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.50 फीसदी बढ़ा है, जबकि निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.48 फीसदी चढ़ा है. बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.43 फीसदी उछला है. किन शेयरों मे तेजी, किनमें गिरावट दिग्गज शेयरों में एचडीएफसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, वेदांता, सन फार्मा, कोटक बैंक, एसबीआई, एक्सिस बैंक, मारुति 0.51 से 2.58 फीसदी तक चढ़े हैं. हालांकि, कोल इंडिया, इंफोसिस, टीसीएस, पावरग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, एचयूएल 2.17 से 0.03 फीसदी तक गिरे हैं.

अगस्त फ्यूचर एंड ऑप्शंस एक्सपायरी के पहले बुधवार को घरेलू शेयर बाजार की सपाट शुरुआत हुई. सेंसेक्स 93 अंकों की उछाल के साथ 38,989.65 के स्तर पर खुला. यह सेंसेक्स का नया रिकॉर्ड हाई रहा. वहीं, निफ्टी की शुरुआत 6 अंक की बढ़त के साथ 11,745 के स्तर पर हुई. …

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7वां वेतन आयोग : मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को दी सबसे बड़ी सौगात, DA 2% बढ़ाया

7वां वेतन आयोग : मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को दी सबसे बड़ी सौगात, DA 2% बढ़ाया

त्‍योहारी सीजन से पहले मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारी को बड़ी सौगात दी है. उनका महंगाई भत्‍ता (DA) दो फीसदी बढ़ा दिया गया है. अब केंद्रीय कर्मचारियों को 9 फीसदी डीए मिलेगा. बुधवार (29 अगस्‍त) को आर्थिक मामलों की केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्‍ताव को मंजूरी दी गई. केंद्रीय वित्‍त मंत्री अरुण …

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नोटबंदी के 21 महीने बाद RBI ने बताया 500 और 1000 के कितने नोट वापस आए

नोटबंदी के 21 महीने बाद RBI ने बताया 500 और 1000 के कितने नोट वापस आए

 नोटबंदी के करीब दो साल बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा कि बंद किए गए 500 और 1,000 के नोटों की गिनती पूरी हो गई है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने वित्त वर्ष 2017-18 के एनुअल रिपोर्ट में कहा है कि बंद किए गए 99.3 प्रतिशत नोट बैंकों में …

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Royal Enfield की क्लासिक 350 बुलेट का नया ABS एडिशन लॉन्च, जानें कीमत!

नई दिल्ली: रॉयल एनफील्ड ने क्लासिक सीरीज मोटरसाइकल में नया स्पेशल एडिशन वर्जन लॉन्च किया है। कंपनी की Classic 350 बुलेट के इस Signals Edition को पुणे में 1.62 लाख रुपये की एक्स शोरूम कीमत पर लॉन्च किया गया है। नई Royal Enfield Classic 350 Signals Edition को कंपनी के इंडियन …

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SBI PO Main Result 2018 : SBI पीओ मुख्य परीक्षा के नतीजे घोषित, यहां चेक करें

SBI PO Mains Result 2018 : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की तरफ से पीओ मेन्स रिजल्ट की घोषणा कर दी गई है. परिणाम की घोषणा एसबीआई की तरफ से अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर की गई है. परीक्षार्थी अपना रिजल्ट www.sbi.co.in/careers पर जाकर चेक कर सकते हैं. आपको बता दें एसबीआई की तरफ से प्रोबेशनरी ऑफिसर का रिक्रूटमेंट करने के लिए 4 अगस्त को परीक्षा का आयोजन किया गया था. मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी उम्मीदवारों को ग्रुप एक्सरसाइज और इंटरव्यू के संबंध में एसएमएस व ई-मेल के माध्यम से सूचना दी जाएगी. पीओ के लिए परीक्षा के लिए तीन चरण प्री, मेन्स और इंटरव्यू होता है. एसबीआई पीओ प्री रिजल्ट पिछले दिनों 16 जुलाई को जारी किया गया था. प्री में प्राप्त अंकों को फाइनल मेरिट लिस्ट में नहीं जोड़ा जाएगा. इंटरव्यू और ग्रुप डिस्कशन के एडमिट कार्ड 1 सितंबर को जारी होंगे. इनका आयोजन 24 सितंबर से 12 अक्टूबर के बीच किया जाएगा. ऐसे चेक करें रिजल्ट - सबसे पहले एसबीआई की ऑफिशियल वेबसाइट (www.sbi.co.in/careers) पर जाएं. - अब यहां दिखाई देने वाले लिंक ‘latest announcements’ पर क्लिक करें. - यहां आप SBI PO Mains Result 2018 पर क्लिक करें. अब आपकी स्क्रीन पर रिजल्ट की पीडीएफ फाइल खुल जाएगी. - यहां अपना रोलनंबर देखने के बाद इसे सिस्टम में डाउनलोड कर लें या भविष्य के लिए प्रिंट आउट निकालकर रख लें.

SBI PO Mains Result 2018 : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की तरफ से पीओ मेन्स रिजल्ट की घोषणा कर दी गई है. परिणाम की घोषणा एसबीआई की तरफ से अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर की गई है. परीक्षार्थी अपना रिजल्ट www.sbi.co.in/careers पर जाकर चेक कर सकते हैं. आपको बता दें एसबीआई की तरफ से प्रोबेशनरी ऑफिसर का रिक्रूटमेंट …

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क्‍या 15 दिन बाद नहीं मिलेगी बिजली? 34 बिजली कंपनियों पर दिवालिया होने का खतरा

बिजली क्षेत्र के लिए 15 दिन बहुत नाजुक हैं. क्‍योंकि कर्ज में डूबीं जिंदल, जेपी पॉवर वेंचर, प्रयागराज पॉवर, झबुआ पॉवर, केएसके महानंदी समेत 34 बिजली कंपनियों के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने जो डेडलाइन सेट की थी, वह 27 अगस्‍त (सोमवार) को खत्‍म हो गई और केंद्रीय बैंक उन्‍हें और मोहलत देने को तैयार नहीं है. इन 34 बिजली कंपनियों पर बैंकों का 1.5 लाख करोड़ रुपए बकाया है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रिजर्व बैंक ने फरवरी 2018 में एक सर्कुलर में स्पष्ट किया था कि कर्ज में डूबीं 70 कंपनियां इसे चुकाने में देरी करती हैं तो उसे डिफॉल्टर मान कर उनके कर्ज की गई रकम को एनपीए (फंसा लोन) घोषित कर दिया जाएगा. इसे तकनीकी भाषा में 'वन डे डिफॉल्ट नॉर्म' कहते हैं. यह 1 मार्च 2018 से लागू हो गई थी. बैंकों को ऐसे सभी पिछले मामलों को सुलझाने के लिए 1 मार्च 2018 से 180 दिनों का वक्त दिया गया था जो सोमवार (27 अगस्‍त) को पूरा हो गया. इस दौरान कंपनियों और बैंकों के बीच जो मामले नहीं सुलझे उन सभी कंपनियों के खातों को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा सकता है. इन खातों में बैंकों का कुल 3800 अरब रुपये का कर्ज फंसा है. आरबीआई ने इन 70 कंपनियों को 15 दिन का समय दिया है ताकि वे अपना वकील और रिजॉल्‍यूशन प्रोफेशनल एप्‍वाइंट कर सकें. अगर इन 15 दिन में कंपनियों कोई समाधान पेश करती हैं और वह सभी कर्ज देने वाले बैंकों को मंजूर होता है तो इन खातों को कोर्ट नहीं भेजा जाएगा. बैंक पहले से लगे समाधान में : एसबीआई स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि समयसीमा का बैंकों के प्रावधान पर कोई ठोस प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि बैंक पहले से ही इन खातों के समाधान की प्रकिया में लगे हैं. भारतीय बैंक संघ (आईबीए) की सालाना आम बैठक से इतर कुमार ने कहा, "27 अगस्त की समयसीमा का प्रावधान आवश्यकताओं पर कोई ठोस प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि उनमें से अधिकतर की पहचान डूबे कर्ज के रूप में वर्गीकृत किए जा चुके हैं. कुमार ने कहा कि 34 संकटग्रस्त बिजली कंपनियों के खातों में से 16 को पहले ही एनसीएलटी के पास भेजा जा चुका है, इनका कुल मूल्य 1740 अरब डॉलर है और सात मामलों में समाधान प्रक्रिया अंतिम चरण में है. सप्रंग सरकार की देन है कर्ज की समस्या: जेटली वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि संप्रग के दौरान उच्च आर्थिक वृद्धि के आंकड़े और बैंकों के फंसे कर्जों (एनपीए) की बाढ़ दरअसल 2008 के वैश्विक ऋण संकट से पहले और बाद में दिये गये अंधाधुंध कर्ज की वजह से है. संप्रग सरकार के दौरान आर्थिक वृद्धि दर के आंकड़ों को लेकर सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस में जुबानी जंग के बीच जेटली ने कहा कि उस समय की वृद्धि अंधाधुंध ऋण के बलबूते थी. बैंकों ने उस समय अव्यावहारिक परियोजनाओं को ऋण दिया, जिसके कारण बैंकिंग प्रणाली में एनपीए 12 प्रतिशत पहुंच गया है.इन्हीं वजहों से 2012-13 और 2013-14 में वृहत आर्थिक समस्याएं खड़ी हुईं. वित्त मंत्रालय जल्द करेगा आरबीआई से बातचीत वित्त मंत्रालय बिजली क्षेत्र के मसलों के समाधान के लिए जल्द ही रिजर्व बैंक के साथ बातचीत कर सकता है.सूत्रों ने कहा कि इलाहबाद उच्च न्यायालय के आदेश के तहत मंत्रालय आरबीआई से परामर्श करेगा. अदालत ने निजी बिजली कंपनियों को आरबीआई के एनपीए पर 12 फरवरी के आदेश से कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया. आठ-नौ चालू बिजली परियोजनाएं इलाहबाद उच्च न्यायालय के फैसले से प्रभावित होंगी.

बिजली क्षेत्र के लिए 15 दिन बहुत नाजुक हैं. क्‍योंकि कर्ज में डूबीं जिंदल, जेपी पॉवर वेंचर, प्रयागराज पॉवर, झबुआ पॉवर, केएसके महानंदी समेत 34 बिजली कंपनियों के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने जो डेडलाइन सेट की थी, वह 27 अगस्‍त (सोमवार) को खत्‍म हो गई और केंद्रीय बैंक उन्‍हें और मोहलत …

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…तो क्‍या देश भर में गहराएगा बिजली संकट, 50,000 मेगावाट की हो सकती है कमी?

नई दिल्‍ली: देश में बिजली क्षेत्र से जुड़ी 34 बिजली कंपनियों पर बैंकों का 1.5 लाख करोड़ रुपए कर्ज बकाया है. इनमें कई कंपनियां देश के बिजली उत्‍पादन में योगदान करती हैं. इनमें जिंदल, जेपी पॉवर वेंचर, प्रयागराज पॉवर, झाबुआ पॉवर, केएसके महानंदी, कोस्‍टल एर्नजन समेत 34 बिजली कंपनियां शामिल हैं. अगर ये कंपनियां उत्‍पादन बंद कर देती हैं तो इससे देश में बिजली की बड़ी किल्‍लत हो जाएगी. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, संसद की सबकमेटी ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि देश में 34 हजार मेगावाट बिजली उत्‍पादन पर संकट है. क्‍योंकि इन बिजली कंपनियों से या तो कोई बिजली खरीद नहीं रहा या इन्‍हें उत्‍पादन के लिए कोयला नहीं मिल रहा. हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि पूरे देश में 50 हजार मेगावाट बिजली की कमी हो सकती है. 50 हजार मेगावाट बिजली कम पड़ने के मायने ऊर्जा मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी में वित्‍त वर्ष 2017 में 17,183 मेगावाट बिजली की मांग थी जबकि सप्‍लाई की गई 15,501 मेगावाट बिजली सप्‍लाई की गई. अगर 50 हजार मेगावाट बिजली की शॉर्टेज होती है तो इससे यूपी के बराबर बिजली की मांग वाले 3 राज्‍य अंधेरे में डूब जाएंगे. देश में कुल बिजली उत्‍पादन ऊर्जा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक राज्‍यों में देश में बिजली उत्‍पादन की कुल स्‍थापित क्षमता राज्‍य 84627 मेगावाट 24.6 % केंद्र 1,03,761 मेगावाट 30.2% निजी क्षेत्र 1,55,511 मेगावाट 45.2% थर्मल पॉवर प्‍लांट से मिलने वाली बिजली थर्मल पॉवर प्‍लांट पर निर्भरता 2,22,693 मेगावाट 64.8% कोयले से चलने वाले बिजली घर 1,96,958 मेगावाट 57.3% गैस से चलने वाले बिजली घर 24,897 मेगावाट 7.2% तेल से चलने वाले बिजली घर 838 मेगावाट 0.2% बिजली की मांग के अनुरूप सप्‍लाई 2017-18 में देश में कुल 12,12,134 मेगावाट बिजली की डिमांड थी जबकि सप्‍लाई हुई 12,03,567 मेगावाट बिजली. यानि 8567 मेगावाट बिजली कम पड़ गई. 2018-19 (जून 2018 तक) में 3,25,428 मेगावाट डिमांड रही जबकि सप्‍लाई 3,23,418 मेगावाट बिजली की हुई. इसमें भी करीब 2000 यूनिट बिजली कम पड़ गई. Power production in India बिजली उत्‍पादन (बिलियन यूनिट में), स्रोत : केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय बिजली उद्योग पर संकट रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कर्ज में डूबीं 34 बिजली क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को 180 दिन का समय दिया था. वह 27 अगस्‍त 2018 को खत्‍म हो गया है. अब सिर्फ 15 दिन शेष हैं. इस मियाद में कर्ज में डूबीं कंपनियों को अपना लोन अकाउंट क्‍लीयर करना है या समाधान उपलब्‍ध कराना है. ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा न होने पर मामला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्‍यूनल (NCLT) के पास चला जाएगा. फिर एनसीएलटी बैंकों को इसका हल निकालने को कहेगा. हालांकि बैंक इस मामले को बाहर ही निपटा देना चाहते हैं. क्‍योंकि मामला एनसीएलटी के पास जाने से उन्‍हें भी नुकसान होगा. मंत्रालय कर सकता है आरबीआई से बातचीत केंद्रीय वित्त मंत्रालय इस संकट के समाधान के लिए रिजर्व बैंक से बातचीत कर सकती है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इलाहबाद हाईकोर्ट के आदेश के तहत मंत्रालय आरबीआई से परामर्श करेगा. अदालत ने निजी बिजली कंपनियों को आरबीआई के एनपीए पर 12 फरवरी के आदेश से कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया. 8-9 चालू बिजली परियोजनाएं इलाहबाद उच्च न्यायालय के फैसले से प्रभावित होंगी.

 देश में बिजली क्षेत्र से जुड़ी 34 बिजली कंपनियों पर बैंकों का 1.5 लाख करोड़ रुपए कर्ज बकाया है. इनमें कई कंपनियां देश के बिजली उत्‍पादन में योगदान करती हैं. इनमें जिंदल, जेपी पॉवर वेंचर, प्रयागराज पॉवर, झाबुआ पॉवर, केएसके महानंदी, कोस्‍टल एर्नजन समेत 34 बिजली कंपनियां शामिल हैं. अगर ये कंपनियां …

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1 सितंबर से बंद हो जाएगी Indian Railway की यह फ्री सेवा

1 सितंबर से बंद हो जाएगी Indian Railway की यह फ्री सेवा

ट्रेन में आरक्षित टिकट पर सफर करने वालें यात्रियों के लिए जरूरी खबर. अभी तक आईआरसीटीसी की तरफ से फ्री में उपलब्ध कराई जाने वाली सर्विस पर 1 सितंबर से चार्ज लिया जाएगा. ऐसे में टिकट बुकिंग के लिए आपको पहले के मुकाबले थोड़ा ज्यादा पैसा खर्च करना होगा. आपको बता दें …

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7वां वेतन आयोग : इन शिक्षकों के लिए खुशखबरी, जल्‍द होगा सैलरी बढ़ने का ऐलान

7वां वेतन आयोग : इन शिक्षकों के लिए खुशखबरी, जल्‍द होगा सैलरी बढ़ने का ऐलान

केंद्रीय कर्मचारी लंबे समय से अपनी बेसिक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. क्‍योंकि बढ़ती महंगाई के कारण उन्‍हें महीने का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है. हालांकि उन्‍हें 2016 में ही सरकार 7वें वेतन आयोग की सौगात दे चुकी है. इस बीच, बिहार में शिक्षकों व अन्‍य स्‍टाफ के लिए एक …

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