UPPCL : जेई समेत सभी परीक्षाएं रद्द की गईं, विद्युत सेवा आयोग के अध्यक्ष व सचिव सस्पेंड

यूपीपीसीएल जेई भर्ती में धांधली के मामले में शासन ने एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को विद्युत सेवा आयोग के अध्यक्ष एके सक्सेना और सचिव जीसी द्विवेदी को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही ऑनलाइन परीक्षा कराने वाली संस्था अप्टेक की तरफ से कराई जाने वाली जेई समेत सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।UPPCL : जेई समेत सभी परीक्षाएं रद्द की गईं, विद्युत सेवा आयोग के अध्यक्ष व सचिव सस्पेंड

वहीं, सभी परीक्षाओं के संचालन के लिए कार्यदायी संस्थाओं के पैनल को भंग कर अप्टेक को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। अब नई एजेंसी का चयन कर नए सिरे से परीक्षा कराई जाएगी।

जेई भर्ती परीक्षा-2018 में धांधली की जांच करने वाली एसटीएफ की रिपोर्ट को शासन और पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने बेहद गंभीरता से लिया है। इस मामले में शासन ने  गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने के साथ ही भविष्य में भर्तियों की प्रक्रिया को फुलप्रूफ बनाने की कवायद शुरू कर दी है।

फिलहाल विद्युत सेवा आयोग के  अध्यक्ष व सचिव पर गाज गिरी है लेकिन सूत्रों का कहना है कि जल्द ही कुछ और अधिकारी व कर्मचारी भी कार्रवाई के घेरे में आएंगे। प्रमुख सचिव ऊर्जा ने बताया कि जेई परीक्षा में धांधली की शिकायत मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इसकी जांच एसटीएफ से कराकर दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके मद्देनजर एसटीएफ की रिपोर्ट आने के बाद आयोग के अध्यक्ष व सचिव को निलंबित करने का निर्णय किया गया।

अप्टेक व परीक्षा संचालन समिति की भूमिका संदेह के घेरे में

एसटीएफ ने पावर कार्पोरेशन प्रबंधन को भेजी गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि परीक्षा संचालित करने वाली संस्था अप्टेक ने दावा किया था कि उनका प्लान फुलप्रूफ है और उसे ऑनलाइन हैक नहीं किया जा सकता। जांच में अप्टेक का यह दावा गलत पाया गया। एसटीएफ ने अप्टेक के साथ पावर कार्पोरेशन की परीक्षा संचालन समिति की भूमिका को भी संदिग्ध माना है। इसकी भी गहनता से जांच की जा रही है।
 
प्रमुख सचिव ऊर्जा व पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार कहा कहना है कि अप्टेक द्वारा कराई जाने वाली अवर अभियंता, सहायक समीक्षा अधिकारी, कार्यालय सहायक व अपर निजी सचिव पद की प्रक्रियाधीन परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। इस मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अप्टेक को ब्लैक लिस्ट करने के बाद अब नई एजेंसी का चयन किया जाएगा जो परीक्षा कराएगी। एक माह में किसी अच्छी व विश्वसनीय एजेंसी का चयन कर लिया जाएगा और दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। आवेदकों का पूरा डाटा सुरक्षित है। नए सिरे से परीक्षा कराकर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चारों पदों को मिलाकर लगभग 1000 रिक्तियां हैं। आगे चयन में पूरी सुचिता रखी जाएगी।

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