Xiaomi और Huawei के साथ ये कंपनियां आपके डेटा को कर रही है शेयर

कैंब्रिज एनालिटिका डेटा विवाद के बाद यूजर्स को अपने डेटा सिक्योरीटि को लेकर काफी चिंता सताने लगी है. वेबसाइट और सरकार इसपर कदम भी उठा रही है लेकिन ऐसा नहीं लग रहा कि जैसे यूजर्स का डेटा पूरी तरह सुरक्षित है. बता दें कि अलग अलग देशों में सस्ते स्मार्टफोन्स को बेचा जा रहा है जहां आपका डेटा मार्केट में मौजूद कई बड़ी कंपनियों के साथ शेयर हो रहा है.कैंब्रिज एनालिटिका डेटा विवाद के बाद यूजर्स को अपने डेटा सिक्योरीटि को लेकर काफी चिंता सताने लगी है. वेबसाइट और सरकार इसपर कदम भी उठा रही है लेकिन ऐसा नहीं लग रहा कि जैसे यूजर्स का डेटा पूरी तरह सुरक्षित है. बता दें कि अलग अलग देशों में सस्ते स्मार्टफोन्स को बेचा जा रहा है जहां आपका डेटा मार्केट में मौजूद कई बड़ी कंपनियों के साथ शेयर हो रहा है.   कंपनी का नाम GMobi है   वॉल स्ट्रीट जर्नल के एक रिपोर्ट के अनुसार कुछ सस्ते फोन को कई अलग देशों में बेचा जा रहा है जिसमें आपका डेटा भी शामिल है. इसमें आपके हैंडसेट का IMEI नंबर, मैक एड्रेस और आपका लोकेशन डेटा मौजूद है. एप की मदद से आपके डेटा को तेपई बेस्ड कंपनी GMobi से आपके डेटा को शेयर किया जा रहा है. सिंगापोर बेस्ड OEM हैंडसेट को मयांमार और कंबोडिया में बेचता है. लेकिन दरअसल चिंता करने वाली बात ये है कि ये एप ब्राजील, चीन और भारत में मौजूद स्मार्टफोन में भी पाया गया है.   भारत बेस्ड मोमैजिक और चीन बेस्ड एडप्स कुछ इस तरह के सर्विस को स्मार्टफोन में देते हैं. मोमैजिक की अगर बात करें तो इस फर्म का शाओमी, माइक्रोमैक्स, इंटेक्स, सोनी और पैनासोनिक के साथ साझेदारी है.   जीमोबी के बड़े लिंक   बतां दे कि जीमोबी 100 स्मार्टफोन मेकर के साथ काम करता है और 2000 एंड्रॉयड डिवास को सपोर्ट करता है जहां इसके कुल 150 मिलियन यूजर्स हैं. इसमें जिन सबसे बड़े ब्रैंड्स के नाम सामने आ रहे हैं उनमें शाओमी, हुवावे और बीएलयू शामिल हैं. इन तीनों स्मार्टफोन कंपनियों में से शाओमी और हुवावे दो ऐसे ब्रैंड जो फिलहाल भारतीय मार्केट में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं. हुवावे ऑनर का सबब्रैंड है.   स्मार्टफोन कंपनियों का इसपर क्या जवाब   शाओमी और हुवावे के प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने जीमोबी के साथ कभी भी काम नहीं किया है. वहीं BLU ने कहा कि 2016 में उन्होंने जीमोबी से बात की थी लेकिन अभी फिलहाल इस कंपनी के साथ वो काम नहीं कर रहे हैं. इंडिया बेस्ड मोमैजिक के सीईओ ने कहा है कि जितने भी डेटा लिए गए हैं वो सभी कानून के अंदर आते हैं और वो किसी तरह अवैध नहीं है. शाओमी और माइक्रोमैक्स ने भी अपने बयान में कहा कि वो ऐसी कंपनियों के साथ काम नहीं करते हैं. इस मामले में सोनी और पैनासोनिक ने जवाब देने से मना कर दिया.   जीमोबी के सीईओ ने कहा कि रिपोर्ट में जो भी जानकारी दी गई है वो सारे वकवास हैं और यूजर को कोई भी डेटा हमारे जरिए इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.

कंपनी का नाम GMobi है

वॉल स्ट्रीट जर्नल के एक रिपोर्ट के अनुसार कुछ सस्ते फोन को कई अलग देशों में बेचा जा रहा है जिसमें आपका डेटा भी शामिल है. इसमें आपके हैंडसेट का IMEI नंबर, मैक एड्रेस और आपका लोकेशन डेटा मौजूद है. एप की मदद से आपके डेटा को तेपई बेस्ड कंपनी GMobi से आपके डेटा को शेयर किया जा रहा है. सिंगापोर बेस्ड OEM हैंडसेट को मयांमार और कंबोडिया में बेचता है. लेकिन दरअसल चिंता करने वाली बात ये है कि ये एप ब्राजील, चीन और भारत में मौजूद स्मार्टफोन में भी पाया गया है.

भारत बेस्ड मोमैजिक और चीन बेस्ड एडप्स कुछ इस तरह के सर्विस को स्मार्टफोन में देते हैं. मोमैजिक की अगर बात करें तो इस फर्म का शाओमी, माइक्रोमैक्स, इंटेक्स, सोनी और पैनासोनिक के साथ साझेदारी है.

जीमोबी के बड़े लिंक

बतां दे कि जीमोबी 100 स्मार्टफोन मेकर के साथ काम करता है और 2000 एंड्रॉयड डिवास को सपोर्ट करता है जहां इसके कुल 150 मिलियन यूजर्स हैं. इसमें जिन सबसे बड़े ब्रैंड्स के नाम सामने आ रहे हैं उनमें शाओमी, हुवावे और बीएलयू शामिल हैं. इन तीनों स्मार्टफोन कंपनियों में से शाओमी और हुवावे दो ऐसे ब्रैंड जो फिलहाल भारतीय मार्केट में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं. हुवावे ऑनर का सबब्रैंड है.

स्मार्टफोन कंपनियों का इसपर क्या जवाब

शाओमी और हुवावे के प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने जीमोबी के साथ कभी भी काम नहीं किया है. वहीं BLU ने कहा कि 2016 में उन्होंने जीमोबी से बात की थी लेकिन अभी फिलहाल इस कंपनी के साथ वो काम नहीं कर रहे हैं. इंडिया बेस्ड मोमैजिक के सीईओ ने कहा है कि जितने भी डेटा लिए गए हैं वो सभी कानून के अंदर आते हैं और वो किसी तरह अवैध नहीं है. शाओमी और माइक्रोमैक्स ने भी अपने बयान में कहा कि वो ऐसी कंपनियों के साथ काम नहीं करते हैं. इस मामले में सोनी और पैनासोनिक ने जवाब देने से मना कर दिया.

जीमोबी के सीईओ ने कहा कि रिपोर्ट में जो भी जानकारी दी गई है वो सारे वकवास हैं और यूजर को कोई भी डेटा हमारे जरिए इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.

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