कल होगा उपराष्ट्रपति के लिए मतदान, जानिए क्या है पूरी चुनावी की प्रक्रिया…

भारत में राष्ट्रपति के बाद उपराष्ट्रपति का पद कार्यकारिणी में सबसे बड़ा होता है। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के अध्यक्ष के तौर पर विधायी कार्यों में भी हिस्सा लेते हैं। उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से मिलकर बनने वाले निर्वाचक मंडल द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर एकल संक्रमणीय तरीके से पूरी तरह गुप्त मतदान के जरिए होता है। निर्वाचन आयोग ने पांच अगस्त को उपराष्ट्रपति चुनाव करने की तारीख तय की है। अब आईये आपको बताते हैं किस तरह से उपराष्ट्रपति का चुनाव होता है और क्या है इसकी पूरी प्रक्रियाएं।कल होगा उपराष्ट्रपति के लिए मतदान, जानिए क्या है पूरी चुनावी की प्रक्रिया...अभी-अभी: सपा को लगा एक और झटका, एमएलसी सरोजनी अग्रवाल ने छोड़ी पार्टी

संसद के 790 सदस्य चुनते हैं उपराष्ट्रपति

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति निर्वाचन अधिनियम 1952 और इसके लिए बनाई गई नियमावली 1974 के तहत उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित एवं नामित प्रतिनिधियों की ओर से गठित निर्वाचक मंडल के सदस्य मतदान करते हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव में राज्यसभा के निर्वाचित 233 सदस्य और नामित 12 सदस्य वोट करते हैं।

ठीक इसी तरह, लोकसभा के 543 सदस्य और दो नामित सांसद वोट करते हैं। राष्ट्रपति चुनाव में जहां इलैक्टोरल कॉलेज चुनाव प्रक्रिया में भाग लेता है जिसमें लोकसभा, राज्यसभा और अलग-अलग राज्यों के विधायक होते हैं तो इसके विपरीत उपराष्ट्रपति के चुनाव में सिर्फ लोकसभा और राज्यसभा के सासंद होते हैं। 

10 अगस्त को खत्म हो रहा है हामिद अंसारी का कार्यकाल

मौजूदा उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल 10 अगस्त 2017 को खत्म हो रहा है। हामिद अंसारी को भैरो सिंह शेखावत के बाद 11 अगस्त 2007 को यूपीए सरकार के समय उपराष्ट्रपति बनाया गया था। हामिद अंसारी देश के बारहवें उपराष्ट्रपति हैं।

उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए जरूरी शर्तें-

कोई व्यक्ति उपराष्ट्रपति तभी निर्वाचित हो सकता है जब वह
1- भारत का नागरिक हो
2- पैंतीस वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो
3- राज्यसभा का सदस्य निर्वाचित होने की योग्यता रखता हो

इसमें ध्यान रखनेवाली बात ये है कि कोई भी शख्स जो भारत सरकार के या किसी राज्य सरकार के अधीन या किसी अधीनस्थ स्थानीय प्राधिकरण के अधीन किसी लाभ के पद पर हो वो शख्स उपराष्ट्रपति पद के योग्य नहीं हो सकता है।

भारत में अब तक के उपराष्ट्रपति

देश में 1952 से लेकर अब तक बारह उपराष्ट्रपति बन चुके है। सबसे पहले सर्वपल्ली राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति बने। उनके बाद जाकिर हुसैन, वीवी गिरी, गोपाल स्वरूप पाठक, बीडी जत्ती, मोहम्मद हिदायतुल्ला, रामस्वामी वेंकटरमण, शंकर दयाल शर्मा, के आर नारायणन, कृष्णकांत, भैरो सिंह शेखावत और हामिद अंसारी उपराष्ट्रपति बने।

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