...तो इसलिए सीरीज जीत के बाद धोनी के आलोचकों पर भड़के विराट

…तो इसलिए सीरीज जीत के बाद धोनी के आलोचकों पर भड़के विराट

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज पर कब्जा करने के बाद महेंद्र सिंह धोनी के आलोचकों को आड़े हाथों लिया है। जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में विराट पूरी तरह धोनी का बचाव करते नजर आए और कहा कि उनके बारे मैदान के बाहर बैठा व्यक्ति निर्णय नहीं ले सकता। ...तो इसलिए सीरीज जीत के बाद धोनी के आलोचकों पर भड़के विराटविराट कोहली ने कहा- जब पांड्या चोटिल हुए तब उनके दिमाग में क्या चल रहा था

एक सवाल के जवाब में विराट ने कहा,  मैं ये नहीं समझ पाता हूं कि क्यों लोग उनकी ओर उंगली उठाते हैं। अगर मैं बतौर बल्लेबाज लगातार तीन पारियों में असफल हो जाता हूं तो कोई मेरी तरफ उंगली नहीं उठाता है। क्योंकि मेरी उम्र 35 से ज्यादा नहीं है। धोनी पूरी तरह फिट हैं वो सारे फिटनेस टेस्ट पास कर रहे हैं। वो टीम की मैदान पर हर संभव मदद कर रहे हैं चाहे वो रणनीतिक मसला हो या कोई और। 

विराट ने आगे कहा, आप श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज को देखें तो इन दोनों सीरीज में उनका(धोनी) प्रदर्शन अच्छा रहा है। इस सीरीज में उन्हें बैटिंग के लिए ज्यादा समय नहीं मिला है। आपको ये समझना होगा कि वो किस समय और किस पोजीशन पर बल्लेबाजी करने आते हैं। यहां तक कि हार्दिक भी उस पोजीशन पर कभी-कभी बैटिंग नहीं कर पाता है और आप एक व्यक्ति पर उंगली उठा रहे हैं। राजकोट में खेले पिछले टी-20 में हार्दिक भी रन नहीं बना पाया और न ही माही। ऐसे में हम जानबूझ कर एक व्यक्ति को निशाना बना रहे हैं। 

विराट ने धोनी का बल्लेबाजी की क्षमता के बारे में कहा, हमें इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि वो जब बल्लेबाजी करने आते हैं उस वक्त टीम को साढ़े आठ या साढ़े नौ की औसत से रन बनाने होते हैं। उस वक्त विकेट भी धीमा हो चुका होता है ऐसे में गेंद आसानी से बल्ले पर भी नहीं आती। जो ऊपरी क्रम के बल्लेबाज उस वक्त खेल रहे होते हैं उनके लिए गेंद को बल्ले पर लेना आसान होता है लेकिन एक नए बल्लेबाज के लिए नहीं। जिस तरह की विकेट पर हम खलते हैं दूसरी पारी में उन विकेटों पर ज्यादा वियर-टियर होता है। हमें उनके बारे में कोई राय बनाने से पहले इन सभी बातों का भी आकलन करना चाहिए। 

धोनी की उपयोगिता के बारे में उन्होंने कहा, हम बतौर टीम और मैनेजमेंट इन सभी बातों को समझते हैं। हम दूसरों के विचारों से प्रभावित नहीं होते। आप जब मैदान पर होते हैं तो ये बेहतर तरीके से समझते हैं कि विकेट कैसा व्यवहार कर रहा है। मेरे हिसाब से वो अच्छा कर रहे हैं। वो अपने खेल पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

वो अपनी भूमिका अच्छे से समझते हैं। इसका ये मतलब नहीं है कि वो हर बार अच्छा प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने दिल्ली में पहली गेंद पर छक्का जड़ा तो मैच के बाद शो में उसे पांच बार दिखाया तब सब खुश थे लेकिन उसके बाद अगले ही मैच में वो अच्छा नहीं कर पाए तो सब उनके पीछे पड़ गए। मुझे लगता है कि लोगों को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए। वो बेहद समझदार खिलाड़ी हैं और वो अच्छी तरह समझते हैं कि उनकी क्रिकेट कैसी है उनका शरीर कैसा है। किसी और को उनके बारे में निर्णय लेने का कोई हक नहीं।      

 
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