आजम खान के जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचा सेना का जंगी टैंक, जानिए क्यों?

रामपुर: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को कौन नहीं जानता है। वह अपने तीखे शब्दों के लिए जाने जाते हैं, पर उनका का फौज से लगाव शायद कोई नहीं जानता है। फौज से उनको इतना प्यार है कि उन्होंने अपने विश्व विद्यालय में सेना का एक जंगी टैंक ही मंगवा लिया।


अपने विश्वविद्यालय में सेना के बेमिसाल टैंक को लाने की समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की ख्वाहिश आखिरकार पूरी हो गई। सेना ने मंगलवार को सोवियत संघ के समय का टी 55 जंगी टैंक आजम खान के विश्वविद्यालय को तोहफे में दिया है। रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के कैंपस में इस टैंक को प्रदर्शित किया जाएगा।

यह यूनिवर्सिटी एक ट्रस्ट के तहत आती है जिसे खान का परिवार चलाता है।पिछले साल आजम खान ने सेनाध्यक्ष बिपिन रावत से जौहर यूनिवर्सिटी के लिए एक जंगी टैंक मांगा था। उन्होंने कहा था कि सेना से ऐसा टैंक मांगा गया जो अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होए जिससे कि छात्रों को सेना के हथियारों के बारे में जानकारी दी जा सके।

यह टैंक अहमदाबाद से रामपुर भेजा गया। लेण् जनरल हरीश ठुकराल ने एक समारोह में यह टैंक खान को सौंपा। बताया गया है कि टैंक को विश्वविद्यालय की मुख्य इमारत के ठीक सामने लगाया गया है जहां से यह पूरे कैंपस की खूबसूरती को और भी बढ़ा रहा है।

इस बारे में आजम खान ने कहा कि वह एक सच्चे देशभक्त हैं। उन्होंने कहाए श्मेरे मन में सेना के लिए बहुत सम्मान है। मैं कैंपस में वायुसेना के विमान और फाइटर जेट भी लाना चाहता हूं।

मैं चाहता हूं कि ज्यादा से ज्यादा युवा सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित हों। ऐसा बताचया जाता है कि इस टैंक को 1968 में सेना में शामिल किया गया था और यह 2011 तक सेना में रहा। 1971 के युद्ध में इस टैंक का इस्तेमाल किया गया था।

 

 

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