नाराज शिक्षामित्रों की चेतवानी मांग पूरी नहीं हुई तो 15 अगस्त को करेंगे धर्म परिवर्तन!

लखनऊ : सुप्रीम कोर्ट से समायोजन निरस्त होने के बाद से अंदोलन कर रहे शिक्षामित्रों ने एक अजीबो- गरीब फैसला किया है। उनका कहना है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गयी तो वह लोग स्वतंत्रता दिवस के दिन इस्लाम धर्म कबूल कर लेंगे। शिक्षामित्रों की इस धर्म परिवर्तन की चेतवानी से सीतापुर जनपद का प्रशासन भी सकते में आ गया है।


मीडिया को दिए गए शपथपत्र में शिक्षामित्रों ने कहा है कि 15 अगस्त को जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करेंगे उसी समय हम लोग स्वेच्छा से इस्लाम धर्म कुबूल कर लेंगे। उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद शिक्षामित्र सरकार पर अध्यादेश पारित कराकर अध्यापक बनाने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर पिछले चार दिनों से शिक्षामित्रों ने आंदोलन छेड़ रखा है।

शनिवार को सीतापुर विकास भवन के समक्ष धरना दे रहे शिक्षामित्रों ने एलान कर दिया कि अगर सरकार ने उनकी आवाज को अनसुना किया तो वह धर्म परिवर्तन का रास्ता भी अख्तियार कर सकते हैं। शिक्षामित्रों ने कहा कि हिंदूवादी संगठनों द्वारा हमारी समस्या का विशेष संज्ञान न लेने से आहत होकर हम लोग यह कदम उठा रहे हैं।

कानपुर में आज शिक्षामित्र घेर सकते हैं राष्ट्रपति का आवास
कानपुर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के दयानंदविहार निवास में आज हजारों की सांख्य में शिक्षामित्र करेंगे धरना प्रदर्शन । मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद। सभी शिक्षामित्र दोपहर एक बजे तक बुद्ध पार्क में एकत्र होकर राष्ट्रपति आवास की तरफ कूंच करेंगे। शिक्षामित्रों की योजना को विफल करने के लिए बुद्धा पार्क और राष्ट्रपति लेन दयानंद विहार को चारों तरफ पुलिस ने घेराबंदी कर दी है। शिक्षामित्रों को बुद्धा पार्क से आगे नहीं बढऩे की योजना बनाई गई इसीलिए पुलिस अभी शिक्षामित्रों को बुद्धापार्क जाने से नहीं रोक रही है।

अमित शाह ने जताई साहनुभूति
समायोजन रद्द करने का फैसला आने के बाद अब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शिक्षामित्रों के लिए सहानुभूति जताई है। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार इस पूरे मामले पर विचार कर रही है। सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सरकार अलग नहीं जा सकती लेकिन संगठन और सरकार की सहानुभूति शिक्षामित्रों के साथ है। इनकी समस्या पर विचार किया जा रहा है।

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