5 सितंबर से शुरू होगा पितृ पक्ष, इस दौरान न करे कोई भी शुभ कार्य….

5 सितंबर 2017 से पितृ पक्ष यानि श्राद्ध पक्ष शुरू हो रहा है। हिन्दू धर्म में श्राद्ध पक्ष का विशेष महत्व होता है। पितृपक्ष में पितृगण का श्राद्ध करने से पितर खुश होते है। पितरों के प्रसन्न होने से परिवार पर पितृ दोष नहीं आता है और परिवार में शान्ति-खुशहाली आती है। आइए जानते है इस पक्ष के दौरान कुछ कामों को करने से बचना चाहिए।5 सितंबर से शुरू होगा पितृ पक्ष, इस दौरान न करे कोई भी शुभ कार्य....

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पितर पक्ष के दौरान हमारे पूर्वज किसी न किसी रूप में हमारे घर में हमें आशीर्वाद देने के लिए आते है, इसलिए भूलकर भी अपने घर के आस-पास आए किसी भी जानवर या पशु-पक्षी का निरादर नहीं करना चाहिए।

 

मान्यता के अनुसार पितृ पक्ष में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। इस दौरान न किसी वाहन या नए सामान की खरीददारी करनी चाहिए।
 

श्राद्ध पक्ष में पशु-पक्षियों को दाना और जल देने से विशेष तरह के फल प्राप्त होते है। क्योंकि इस दिन  पितर किन्ही रूपों में हमारे घर में आते हैं।
 

पितृ पक्ष में कुछ चीजों को खाना वर्जित माना जाता है जैसे चना, मसूर, जीरा ,काला नमक, लौकी,,खीरा, सरसों का साग आदि। इसके अलावा मांसाहार का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए।
श्राद्ध क्रिया के दौरान काले तिल का इस्तेमाल करना चाहिए। दूसरे किसी तरह के तिल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि तर्पण क्रिया में काले तिल का विशेष महत्व होता है । पितृ पक्ष में पितरों को प्रसन्न करने के लिए ब्राह्मणों को भोजन करवाने का नियम है।

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