प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने सड़क और पर्यावहन मंत्री नितिन गडकरी की परफॉर्मेंस रिपोर्ट से बेहद खुश हैं. नितिन गडकरी मोदी कैबिनेट के टॉपर मंत्री रहे और अभीतक के उनके कार्यकाल के दौरान मंत्रालय ने कई अहम कीर्तिमान स्थापित किए हैं. लिहाजा मोदी कैबिनेट के सबसे बड़े फेरबदल में नितिन गडकरी के लिए कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है.BigBreaking: पीयूष गोयल सहित इन नेताओं का भी हुआ प्रमोशन बनें कैबिनेट मंत्री, और साथ ही दिलाई…!
इसके पीछे जाने क्या आंकड़ें है जो गडकरी की कुर्सी को सुरक्षित रखने में सफल हुए.
नितिन गडकरी के मंत्रालय के कामकाज पर रिजर्व बैंक की हाल में आई वार्षिक रिपोर्ट ने भी मुहर लगाई है. आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक केन्द्र सरकार के इंफ्रा सेक्टर के प्रोजेक्ट्स में मंत्रालय ने लागत में कटौती के साथ-साथ प्रोजेक्ट रको आगे बढ़ाने के समय में भी कटौती की है.
वहीं आरबीआई ने यह भी माना है कि नए हाइवे प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के मामले में भी नितिन गडकरी का मंत्रालय अबतक के सबसे शीर्ष स्तर पर है. गड़करी के कार्यकाल में मार्च 2017 तक 16,800 किलोमीटर तक के हाईवे निर्माण के कॉन्ट्रैक्ट दिए गए. बीते तीन साल के दौरान नितिन गडकरी सड़क निर्माण की रफ्तार को 2 किलोमीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 23 किलोमीटर प्रतिदिन कर दिया गया.
इसके अलावा नितिन गडकरी के कार्यकाल के लंबित प्रोजेक्ट्स की संख्या और लागत में भी अहम गति देखने को मिली है. गडकरी के कार्याकल के दौरान लंबित प्रोजेक्ट की लागत में जहां 40 फीसदी की कटौती हुई है वहीं संख्या में भी 37 फीसदी की कटौती दर्ज हुई है.
सड़क के अलावा पोर्ट की क्षमता बढ़ाने में भी गडकरी के मंत्रायल का अहम योगदान रहा. जहां बीते एक साल के दौरान पोर्ट की क्षमता में सबसे ज्यादा इजाफा किया गया वहीं 12 अहम पोर्ट पर कार्गों ट्रैफिक में तेज वृद्धि दर्ज हुई है.
इसके अलावा गडकरी के कार्यकाल के दौरान नैशनल रोड सेफ्टी पॉलिसी, मोटर वेहिकल अमेंडमेंट बिल- 2016, नैशनल हाईवे के सेफ्टी ऑडिट में भी अहम योगदान दिया है.वहीं गडकरी के भारतमाला, सेतु भारतम प्रोजेक्ट, नैशनल हाईवे इंटरकनेक्टिविटी प्रोजेक्ट और देशभर में नैशनल हाईवे पर माल ढुलाई को सहज और सुरक्षित बनाने में अहम कीर्तिमान बनाया है.