उमा भारती ने दिया बड़ा बयान, कहा- न सुनी हूं, ना सुनूंगी और ना ही जवाब दूंगी

 नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चीन रवाना होने से पहले गुरुवार रात कई मंत्रियों से इस्तीफे ले लिए गए, जिनमें जल संसाधन और गंगा सरक्षण मंत्री उमा भारती सहित पांच अन्य मंत्रियों का नाम शामिल है। अपने इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए उमा भारती ने ट्वीटर के जरिए लिखा, ‘कल से चल रही मेरे इस्तीफे के खबरों पर मीडिया ने प्रतिक्रिया पूछी। इसपे मैंने कहा कि मैंने ये सवाल सुना ही नहीं, न सुनूँगी, न जवाब दूंगी’।

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उन्होंने आगे कहा कि इस बारे में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जिसको नामित करेंगे वही बोल सकता है उन्हें इस मामले पर बोलने का अधिकारी नहीं है।

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दूसरी तरफ कौशल विकास मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा, ”पार्टी का निर्णय हुआ है कि आप इस्तीफा दें, ये बिल्कुल सामान्य है। सरकार में काम करने का मौका मिला, आगे भी पार्टी में काम करने का मौका मिले बस इसी अभियान के साथ चलते हैं। इस बारे में या तो राष्ट्रीय अध्यक्ष जी अमित शाह या अध्यक्ष जी जिसको नामित करे, वही बोल सकते है। मेरा इसपर बोलने का अधिकार नही है।’ वहीं इस्तीफा देने के बाद पूर्व मंत्री संजीव बालियान ने कहा, ‘इस्तीफा मांगा गया, मैंने दे दिया। अबा सारा समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी का प्रचार करूंगा।’ 

इससे पहले गुजरात चुनाव से जुड़े मंत्रियों के अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को एक-दो और मंत्रियों को तलब किया था। बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मीडिया से बातचीत में कहा था, ‘मुझे लगता है कि रक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी मेरे पास ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी।’ उनके इस बयान से कैबिनेट विस्तार की अटकलों को और बल मिला था।

कुछ मंत्रियों का भार होगा हल्का

सूत्रों के मुताबिक, कई-कई मंत्रालयों का काम देखने वाले कुछ अन्य मंत्रियों के भी भार हल्के किए जाएंगे। इनमें स्मृति ईरानी, हषर्षव‌र्द्धन और नरेंद्र तोमर प्रमुख हैं। स्मृति ईरानी और तोमर दरअसल वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बन जाने के बाद उनके छोड़े मंत्रालयों को भी संभाल रहे हैं। कुछ मंत्रियों के विभाग भी बदल सकते हैं। इस सिलसिले में प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की देर रात तक बैठक जारी थी।

नए घटकों को मिलेगी जगह

मंत्रिमंडल विस्तार में अन्नाद्रमुक और जदयू को भाजपा की अगुआई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने का पुरस्कार मिलेगा। अन्नाद्रमुक के नेता और लोकसभा उपाध्यक्ष थंबी दुरई मंत्री बनाए जा सकते हैं। उन्होंने अमित शाह से मुलाकात भी की। जदयू से भी किसी को मंत्री बनाया जाएगा। बिहार से और मंत्री बनाए जाने के कारण ही रूड़ी से इस्तीफा लिया गया है।

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