ये है क्रिकेट के ऐसे पांच ख़िलाड़ी जिनका फील्डिंग में चलता है सिक्का, सभी फेल हैं इनके आगे

फिल्म एमएस धोनी-द अनटोल्ड स्टोरी में एक लाइन थी-एक अच्छा बॉलर विकेट लेगा, अच्छा बल्लेबाज कुछ मैचों में रन बनाएगा, कुछ में नहीं। लेकिन एक अच्छा फील्डर हर मैच में रन बचाएगा। इसी लाइन से साबित होता है कि फील्डिंग की इस खेल में कितनी अहमियत है। क्रिकेट इतिहास में जोंटी रोड्स, रिकी पॉन्टिंग और पॉल कॉलिंगवुड जैसे धुरंधर फील्डर रहे हैं, जिन्हें गेंद रोकने में माहिर माना जाता था। भारतीय क्रिकेट में भी एेसे कई खिलाड़ी हैं, जिन्होंने गेंद और बल्ले के अलावा फील्डिंग में भी कमाल दिखाया है। आइए बात करते हैं भारतीय क्रिकेट के टॉप 5 खिलाड़ियों के बारे में:

ये है क्रिकेट के ऐसे पांच ख़िलाड़ी जिनका फील्डिंग में चलता है सिक्का, सभी फेल हैं इनके आगे

रॉबिन सिंह: 1989 में डेब्यू करने वाले रॉबिन 1996 तक टीम इंडिया में स्थाई जगह नहीं बना सके। बेहद चुस्त और तेज तर्रार खिलाड़ी रहे रॉबिन ने वनडे में 33 और टेस्ट में 5 कैच लिए हैं। रिटायरमेंट के बाद वह 2007-09 तक भारतीय टीम के फील्डिंग कोच रहे। फिलहाल वह मुंबई इंडियन्स के बैटिंग कोच हैं।

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युवराज सिंह: 2007 टी20 और 2011 वर्ल्ड कप में युवराज सिंह के प्रदर्शन को शायद ही कोई भुला पाए। भारत के लिए कितनी ही बार उन्होंने रन रोके हैं। वनडे इतिहास में सबसे ज्यादा कैच लेने के मामले में वह छठे नंबर पर हैं। उन्होंने 94 कैच लपके हैं। इसके अलावा उनकी थ्रो भी गजब की है, जिसके चलते कई खिलाड़ी रन आउट हो चुके हैं।

सुरेश रैना: दुनिया के बेहतरीन फील्डर्स में से एक। वनडे में 100 कैच लपक चुके रैना राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर और मोहम्मद अजहरुद्दीन के बाद चौथे एेसे भारतीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा कैच लिए हैं। टी 20 में उन्होंने 32 कैच लपके हैं, जो किसी भी भारतीय द्वारा लिए गए सबसे ज्यादा कैच हैं। जब वह टीम का स्थायी हिस्सा थे तो उन्हें भारतीय फील्डिंग की रीढ़ माना जाता था।

मोहम्मद कैफ: भले ही कैफ अब न खेलते हों, लेकिन उनकी फील्डिंग क्षमता पर कोई सवालियानिशान नहीं लगा सकता। उन्होंने कई बार बहुत मुश्किल कैच लिए हैं। एक जमाने में युवराज और कैफ को बहुत खतरनाक फील्डिंग जोड़ा कहा जाता था। उनकी थ्रो करने की क्षमता भी शानदार थी।

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एकनाथ सोलकर: बेहद बेखौफ और तेजतर्रार खिलाड़ी। ज्यादातर बल्लेबाज के करीब फॉर्वर्ड शॉर्ट लेग पर फील्डिंग करते थे। अपने कैचों के बूत उन्होंने भारत को इंग्लैंड में उसकी पहली जीत दिखाई थी। इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी टोनी ग्रेग ने उन्होंने फॉर्वर्ड शॉर्ट लेग का सर्वश्रेष्ठ फील्डर बताया था। 27 टेस्ट मैचों में उन्होंने 53 कैच लिए हैं। एक बार उन्होंने कहा था कि मैं सिर्फ गेंद को देखता हूं। 2005 में उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई।

 
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