#सावधान: रसोई गैस सिलेंडर से है हर घर में जान का खतरा….

घरों में आने वाले एलपीजी सिलेंडरों पर गैस सिलेंडर रूल्स के अनिवार्य प्रावधानों के तहत दर्ज होने वाली टेस्ट डेट न होने को लोगों की जान के लिए  खतरा बताते हुए हाईकेार्ट में याचिका दाखिल की गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भारत, इंडियन आयल और एचपी गैस को निर्देश दिए हैं कि वे याची के मांग पत्र पर दो माह के भीतर निर्णय लें।#सावधान: रसोई गैस सिलेंडर से है हर घर में जान का खतरा....85 साल बाद मेक्सिको में आया इतना खतरनाक भूकंप, 60 की मौत और 250 से ज्यादा हुए घायल

याचिकाकर्ता सीएस अरोड़ा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि भारत में तेजी से एलपीजी गैस अपनाई जा रही है। यह पारंपरिक साधनों का स्थान ले रही है। गैस सिलेंडर जितना सुविधाजनक होता है लापरवाही बरतने पर उतना ही खतरनाक साबित हो सकता है। इसी के चलते इसे इस्तेमाल करने और इससे जुड़ी अन्य प्रक्रियाओं के लिए गैस सिलेंडर रूल्स तैयार किए गए। इसके रूल 6 और 9 के बीच प्रावधान है कि प्रत्येक गैस सिलेंडर पर हाइड्रोस्टेटिक्स टेस्ट या हाइड्रोस्टेटिक्स स्ट्रेच टेस्ट अनिवार्य है। इसके साथ ही सिलेंडर पर इसकी तिथि लिखना भी जरूरी है। 

 इसकी तिथि एक्सपायर होने के बाद इसे लेने से इनकार कर देना उपभोक्ता का हक होता है। ऐसे में इसे अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए और इसके बारे में जागरूकता फैलाई जाए। बिना इन टेस्ट के पता नहीं लगता कि आखिर सिलेंडर का कितना जीवन बाकी है और कितने समय तक इसे चलाना सुरक्षित होगा। ऐसे में असुरक्षित गैस सिलेंडर लोगों तक नहीं पहुंचे यह कंपनी के साथ ही सरकार की जिम्मेदारी भी बनती है। 

हाईकोर्ट ने इस याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता से पूछा कि इससे पहले उसने गैस कपंनियों को कोई रिप्रजेंटेदेशन दी है। इसका जवाब न में मिलने पर हाईकोर्ट ने याचिाककर्ता को एक माह का समय देते हुए उन्हें रिप्रजेंटेंशन सौंपने के आदेश दिए। साथ ही तीनों गैस कंपनियों को आदेश दिए कि रिप्रजेंटेशन मिलने के बाद दो माह के भीतर इस पर कानून के अनुरूप फैसला लिया जाए।

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