डेरा प्रमुख की पहले पेशी पर नहीं गए तो कोर्ट के आदेशों की पालना की जाएगी’  

अगर राम रहीम 25 अगस्त को पेशी के लिए कोर्ट में नहीं गए तो अदालत के हर आदेश की पालना की जाएगी। कानून से ऊपर और उससे बड़ा कोई नहीं है। यह कहना है, हरियाणा के डीजीपी बीएस संधू का। उन्होंने कहा कि डेरा प्रमुख 25 अगस्त को पंचकूला में होने वाली पेशी पर जाएंगे। डेरामुखी अगर पेशी पर नहीं गए तो कोर्ट के आदेश की पालना की जाएगी। कानून से बड़ा कोई नहीं होता है। डेरा प्रमुख की पहले पेशी के दौरान जहां घटनाएं हुई थीं उन जिलों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।डेरा प्रमुख की पहले पेशी पर नहीं गए तो कोर्ट के आदेशों की पालना की जाएगी'  
डीजीपी बीएस संधू ने रविवार को नई पुलिस लाइन में पत्रकारों से कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर नाकेबंदी कर दी गई है। सीमाओं से गुजरने वाले हर वाहन की चेकिंग की जा रही है। अन्य प्रदेशों के अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। एक टीवी चैनल से बातचीत में डीजीपी ने कहा कि रामपाल प्रकरण से पुलिस को काफी कुछ सीखने को मिला है। वैसा माहौल सिरसा में नहीं पैदा होने दिया जाएगा।

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उन्होंने कहा कि सिरसा डेरे में जाने से किसी आदमी को नहीं रोका जा रहा है। उनको चेकिंग के बाद जाने दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि साध्वी यौन शोषण मामले में आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के बारे में सीबीआई की अदालत 25 अगस्त को फैसला सुनाएगी। पुलिस को आशंका है कि यदि कोर्ट का फैसला डेरा प्रमुख के खिलाफ गया तो माहौल खराब हो सकता है। यही वजह है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस मुस्तैद कर दी गई है। डीजीपी खुद सिरसा और हिसार जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।

प्रदेश में नौ जिले संवेदनशील

डीजीपी का कहना है कि प्रदेश में नौ जिले संवेदनशील हैं, जहां पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात की जा रही है। बाकी जिलों में पुलिस को अलर्ट किया गया है। उनका मकसद प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना है। अगर कोई शरारती तत्व कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो सख्त कार्रवाई की जाएगी है। नौ जिलों में पैरा मिलिट्री फोर्स के पहुंचते ही फ्लैग मार्च शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर है। जरूरत पड़ी तो इंटरनेट सेवा बंद कर दी जाएगी।

सिरसा में धारा-144 लागू, हिसार में 24 से
सिरसा में धारा-144 लागू कर दी गई है। ऐसे में हथियार, तलवारें, बरछा, भाला, चाकू, लाठी, लाठी, तलवार, गंडासी इत्यादि लेकर चलने, रोडवेज व अन्य सरकारी, गैर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के इरादे से जुलूस के रूप में पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं, हिसार में डीसीने 24 अगस्त से अगले आदेशों तक धारा-144 लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। जबकि फतेहाबाद के डीसी ने जिले में धारा-144 लागू कर दी है, जोकि 31 अगस्त तक प्रभावी रहेगी।

सिरसा में स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट
सिरसा। किसी भी अप्रिय घटना के बाद की स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकारी डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। सिविल अस्पताल में उपचाराधीन सामान्य मरीजों को छुट्टी दी जारी रही है। अस्पताल में 100 बेड रिजर्व रखा गया है। आपात स्थिति में घटनास्थल पर कितनी जल्दी पहुंचा जाए और एक साथ कई लोगों का उपचार कैसे किया जाए इसके लिए डाक्टर और कर्मचारी अभ्यास कर रहे हैं। हालात ज्यादा खराब होते हैं तो आईएमए भी सहयोग करेगा। शहर के करीब 30 प्राइवेट अस्पतालों को भी जोड़ने की तैयारी चल रही है। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. विरेश भूषण का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है।

पंजाब, राजस्थान और यूपी के साथ मिलकर तैयार की रणनीति

हरियाणा सरकार ने डेरा सच्चा सौदा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम से जुड़े साध्वी यौन शोषण मामले में अदालती फैसला आने के मद्देनजर हालात से निपटने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। सरकार पड़ोसी राज्यों पंजाब, उत्तरप्रदेश और राजस्थान की मदद भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लेगी। जिलों में तैनात पुलिस बल को सतर्क व सचेत रहने के निर्देश दिए गए हैं।

सभी पीसीआर व राइडर निरंतर गस्त कर छोटी से छोटी घटना की जानकारी भी उच्चाधिकारियों को देंगे। सभी जिलों में तैनात डीएसपी को फैसले के बाद के हालत को काबू करने के लिए रिजर्व फोर्स दी गई है। हर थाना व चौकी में तैनात पुलिस बल का थाना स्तर पर ही रिजर्व बल बनाया गया है। यह थाना क्षेत्र में होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखते हुए जरूरत पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई करेगा।

सभी रिजर्व फोर्सों व थानों मे तैनात पुलिस बल को पुलिस लाईन में अभ्यास कराया जा रहा है। कुशल प्रशिक्षकों की टीम जवानों को दंगा निरोधक उपकरणों का अभ्यास भी करा रही है। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों के साथ वार्ता कर समन्वय स्थापित करने का प्रयास पुलिस विभाग कर रहा है। इसके अलावा शांति समिति के साथ बैठक कर सहयोग की अपील की जा रही है। गुरुद्वारा प्रबंधकों से भी कानून-व्यवस्था व शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम : संधू

पुलिस महानिदेशक बीएस संधू ने बताया कि सभी जिला पुलिस अधीक्षकों व पुलिस के अन्य उच्चाधिकारियों को कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 25 अगस्त को डेरामुखी संबंधी केस का फैसला आने पर पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है।

हरियाणा पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। केंद्र सरकार से मिली 35 पैरा मिलिट्री फोर्र्स की तैनाती शुरू की जा चुकी है। सिरसा, फतेहाबाद और पंचकूला में ज्यादा फोकस रखा गया है। यहां पर पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती अन्य जिलों की अपेक्षा ज्यादा की गई है। आमजन का सहयोग लेकर कानून-व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।

सोशल मीडिया को भी मॉनिटर किया जा रहा है। पल-पल नजर रखी जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था नहीं बिगड़ेगी। केंद्र सरकार से पैरामिलिट्री फोर्स की और मांग की है। प्रदेश में नाके व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। साइबर क्राइम रोकने के लिए भी पुलिस मुस्तैद है। रेंज स्तर पर साइबर क्राइम स्टेशन बनाए जा रहे हैं। 15 सितंबर तक यह क्रियान्वित हो जाएंगे।

बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाएड टीम रोजाना करेगी चेकिंग

रविवार को सुबह 11 बजे बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाएड टीम ने पंचकूला जिला अदालत के चप्पे चप्पे की जांच की। अदालत के ग्राउंड फ्लोर से लेकर ऊपरी मंजिल के हर कमरे की बारीकी से टीम ने जांच की। इसकी अध्यक्षता सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर डॉ. प्रमीला राठी ने की। ये चेकिंग पेशी के दिन तक रोजाना होगी। अदालत परिसर की जांच के दौरान एसएसओ डॉ. राठी ने निर्देश दिया कि अदालत परिसर में एक भी पत्थर के टुकड़े नजर नहीं आने चाहिए।

इसे तुरंत हटाएं। वहीं अदालत परिसर के चारों तरफ लगे पेड़ों और अदालत की ऊंची दीवारों पर सिक्योरिटी की तैनाती के लिए जगह चिह्नित की। उन्होंने अदालत में परिसर में तैनात सिक्योरिटी इंचार्ज से कहा कि अदालत में आने वाले जजों को छोड़कर हर व्यक्ति और वकील की चेकिंग होगी। बिना चेकिंग के कोई भी अदालत में प्रवेश नहीं करेगा। अदालत में आने वालों की तीन जगहों पर चेकिंग होगी।

महिलाओं की चेकिंग अलग होगी
अदालत परिसर में जांच के दौरान डॉ. राठी ने अदालत परिसर में जांच करने वाले पुलिस कर्मियों से पूछा कि क्या महिलाओं की चेकिंग भी यहीं होती है। पुलिस कर्मियों ने जवाब दिया, सबकी चेकिंग यहीं की जाती है। क्योंकि अदालत परिसर में अभी महिलाओं की चेकिंग के सही बंदोबस्त नहीं हैं। मेटल डिटेक्टर लगा है, वहीं सबकी चेकिंग होती है। महिलाओं की चेकिंग के लिए अलग सेफ्टी रूम बनाएं। पेशी के दिन अदालत परिसर में आने वाली महिलाओं की चेकिंग अलग से होगी।

क्या कहना है डीसीपी का        
मामले में पंचकूला के डीसीपी अशोक कुमार ने कहा कि बाबा राम रहीम पर चल रहे साध्वी यौन शोषण मामले की सुनवाई 25 अगस्त को है, जिसे लेकर पुलिस ने पंचकूला को पूरी तरह से सील कर दिया है। पंचकूला पुलिस चप्पे चप्पे की सुरक्षा के प्रबंध को सुनिश्चित करेगी। 25 तारीख को होने वाली सुनवाई के लिए जगह जगह पुलिस तैनात है। आने वाले दिनों में पैरामिलिट्री फोर्स भी तैनात की जाएगी। वहीं पंचकूला के सभी बॉर्डरों पर भी नाकेबंदी की गई है।

 

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